
Lucknow Cantt Fire News:उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सदर कैंट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गोला बाजार इलाके में बुधवार शाम को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां स्थित 'सरला एंड संस' ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) बाइक शोरूम में अचानक शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि इसकी चपेट में आसपास की दो अन्य दुकानें भी आ गईं। इस भीषण अग्निकांड में शोरूम के भीतर रखी कई इलेक्ट्रिक गाड़ियां जलकर पूरी तरह खाक हो गईं।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग में हड़कंप मच गया। आग की गंभीरता को भांपते हुए फौरन दमकल की 10 गाड़ियों को मौके पर रवाना किया गया। दमकल कर्मियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और पूरी बिल्डिंग को चारों तरफ से घेरकर आग बुझाने के साथ-साथ राहत व बचाव कार्य शुरू किया।
प्रारंभिक जांच और जानकारी के मुताबिक, दुकान में रखी बैटरियों में शॉर्ट सर्किट होने से यह आग लगी थी। बैटरी और प्लास्टिक पार्ट्स होने के कारण आग ने चंद मिनटों में ही पूरी दुकान को अपनी आगोश में ले लिया। लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास के दुकानदारों और राहगीरों में भारी अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।
दमकल कर्मियों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने के प्रयास किए गए। गनीमत यह रही कि समय रहते राहत कार्य शुरू हो जाने से किसी बड़े जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। हालांकि, इस हादसे में दुकान और गाड़ियों का कितना आर्थिक नुकसान हुआ है, इसका सही आकलन आग पूरी तरह बुझने और स्थिति सामान्य होने के बाद ही किया जा सकेगा। इस घटना के बाद से स्थानीय व्यापारियों में सुरक्षा मानकों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
आपको बता दें कि दो दिन पहले 18 अक्टूबर को राजधानी के गोमती नगर विस्तार क्षेत्र में स्थित द्वारिका टावर में एक कपड़े के गोदाम में शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई थी। इस दुर्घटना के चलते पूरी इमारत में जहरीला धुआं फैल गया था, जिससे टावर के प्रथम तल पर संचालित हो रही एक लाइब्रेरी में अध्ययन कर रहे लगभग 20 छात्र-छात्राओं के बीच भारी अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई थी।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां तुरंत मौके पर रवाना हो गईं थीं। अग्निशमन कर्मियों ने त्वरित और साहसिक कार्रवाई करते हुए लाइब्रेरी के अंदर फंसे सभी 20 छात्र-छात्राओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। हालांकि इस भीषण अग्निकांड में लाखों रुपये मूल्य का सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया था, लेकिन गनीमत यह रही कि समय रहते बचाव कार्य हो जाने से कोई बड़ा जानमाल का नुकसान नहीं हुआ था।