
UP Election Alliance: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने अपनी पार्टी की चुनावी तैयारी के संकेत दिए हैं। उन्होंने वाराणसी में कहा कि गठबंधन में बात नहीं बनी तो लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) यूपी की सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इस पर दिल्ली में कांग्रेस नेता उदित राज ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। सभी को चुनाव लड़ना चाहिए। रामविलास पासवान पूरे देश में चुनाव लड़ते थे। अपने पिता की धरोहर को जरूर कायम करना चाहिए, उससे पीछे हटना ही नहीं चाहिए वो बिक गए हैं क्या NDA के हाथों? अपने पिता की धरोहर को भी देखना पड़ेगा।
इससे पहले गुरुवार को चिराग पासवान ने वाराणसी के जगतपुर इंटर कॉलेज मैदान में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की नव संकल्प महासभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अभी तो चुनावी शंखनाद हुआ है। गठबंधन को लेकर औपचारिक बातचीत चल रही है। अगर बात नहीं बनी तो उनकी पार्टी पूरे उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ेगी।
चिराग के इस बयान को यूपी में गठबंधन के तहत अधिक सीटें हासिल करने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है। इससे पहले जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने भी वाराणसी में कार्यकर्ता सम्मेलन किया था। करीब एक सप्ताह पहले हुए इस कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार शामिल हुए थे।
सभा में चिराग पासवान ने कहा कि वह अपने पिता रामविलास पासवान के संकल्प और सपनों को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश आए हैं। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने बिहार में दलितों और वंचितों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी थी। अब वह उसी तरह यूपी में सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ना चाहते हैं। चिराग ने कहा कि आज बाबा विश्वनाथ की धरती से अपने पिता के संघर्षों की कसम खाकर कहता हूं, जब तक चिराग पासवान जिंदा है तब तक न आरक्षण पर कोई आंच आएगी, न ही संविधान पर आंच आएगी।
चिराग पासवान ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद कांग्रेस लंबे समय तक सत्ता में रही, लेकिन संविधान के रचयिता बाबा साहेब भीमराव की तस्वीर संसद में नहीं थी। चिराग ने दावा किया कि रामविलास पासवान ने पहली बार संसद में बाबा साहेब की तस्वीर लगवाने के लिए आवाज उठाई थी। उन्होंने मंडल कमीशन और गरीब सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिलाने का भी जिक्र किया। चिराग ने कहा कि कांग्रेस और सपा जैसी पार्टियों ने जाति और धर्म के नाम पर लोगों को बांटा। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें डर है कि अगर उत्तर प्रदेश का युवा जाति-धर्म से ऊपर उठकर एकजुट हो गया तो वे सत्ता में नहीं आ पाएंगे।