
लखनऊ. यूपी सरकार (UP Government) के मंत्रियों के साथ-साथ मुख्यमंत्री (CM Yogi) के लिए एक बड़ी खबर है। बीते चार दशकों से इन सभी मंत्रियों का इनकम टैक्स (Income Tax) अभी तक सरकारी खजने से भरा जा रहा था, लेकिन अब ये रियायत जल्द ही खत्म हो सकती है। उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह (Sidharth Nath Singh) ने इसपर बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए। इस प्रथा को खत्म करने के लिए आयकर (Incme Tax) के एक एक्ट को खत्म किए जाने पर विचार किया जाएगा।
86 लाख रुपए का है सभी का इनकम टैक्स-
बीते दो वित्त वर्ष से योगी सरकार (Yogi Government) के सभी मंत्रियों का भी इनकम टैक्स (Income Tax) राज्य के सरकारी खजाने से ही भरा जा रहा है। अगर इस वित्त वर्ष (Financial Year) की बात करें तो सीएम योगी (CM Yogi) और उनके मंत्रिपरिषद का कुल इनकम टैक्स 86 लाख रुपए आया है, जिसे सरकार ही जमा करेगी। इस बात की पुष्टि राज्य के प्रमुख सचिव (वित्त) संजीव मित्तल (Sanjiv Mittal) ने की है। उनके मुताबिक सीएम (CM) और मंत्रिपरिषद का इनकम टैक्स 1981 के एक्ट के मुताबिक राज्य सरकार द्वारा ही भरा जाता है।
सिद्धार्थनाथ सिंह ने दिया बयान-
इस मामले पर यूपी सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह (Sidharth Nath Singh) ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में बताया है कि टैक्स की बात संज्ञान में है और इसपर विचार किया जाएगा। लोगों के टैक्स से मंत्रियों का टैक्स (Tax) नहीं भरा जाना चाहिए। इसको लेकर कानून 1981 में बना था, लेकिन इसमें बदलाव की एक प्रक्रिया है, जिसे पूरा करना होगा। जिसके बाद मुख्यमंत्री समेत मंत्रीपरिषद में सभी मंत्री अपना टैक्स भरेंगे
कई मंत्री हैं करोड़पति-
वीपी सिंह (VP Singh) जब 1981 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने एक एक्ट पास किया था। इसमें मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों की आय कम और गरीब बताते हुए उनके टैक्स को सरकारी खजाने से भरने का प्रावधान है। इस एक्ट को आज भी फॉलो किया जाता है। लेकिन चुनाव के दौरान दिए गए राज्य के मंत्रियों के हलफनामे में कई ऐसे मंत्री हैं जिनके पास करोड़ों की चल और अचल संपत्ति है। वे महंगी गाड़ियों में घूमने के शौकीन हैं।