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UP में ब्लास्ट की साजिश रच रहे 2 संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, ISI और पाकिस्तानी गैंगस्टर्स से जुड़े थे तार

UP ATS Arrest Two Terrorists: यूपी ATS ने दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए दोनों आतंकी यूपी में बड़े धमाके की साजिश रच रहे थे।

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लखनऊ

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Vinay Shakya

Jun 18, 2026

rss spy case up ats pakistan network

यूपी ATS ने दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया (सांकेतिक फोटो- पत्रिका)

यूपी ATS ने आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। यूपी ATS ने बुधवार को दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकियों का नाम मोहम्मद उमर और फैजान है। पकड़े गए दौनों संदिग्ध बुलंदशहर के रहने वाले हैं। ATS के मुताबिक, ये दोनों संदिग्ध पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े थे। इसके साथ ही यह दोनों पाकिस्तान के गैंगस्टरों से जुड़े आतंकी नेटवर्क के भी संपर्क में थे।

आर्मी कैंट और एयरपोर्स स्टेशन की कर रहे थे रेकी

यूपी ATS द्वारा गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकी आर्मी कैंट और एयरपोर्स स्टेशन की रेकी कर रहे थे। इन दोनों को उनके हैंडलर्स ने लखनऊ आर्मी कैंट और प्रयागराज में बमरौली एयरफोर्स स्टेशन की रेकी करने का टारगेट दिया था। इन दोनों स्थानों को रेकी करने के बदले हैंडलर्स ने 10,000 रुपए देने का वादा किया था। ADG लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने बताया कि इस मामले में अब तक कुल 15 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ATS आगे की जांच में जुटी है।

इंस्टाग्राम पर पाकिस्तानी गैंगस्टर से जुड़े थे संदिग्ध

ADG लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश के मुताबिक, पकड़े गए संदिग्ध मोहम्मद उमर और फैजान वॉट्सएप और इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर्स के संपर्क में थे। ये दोनों पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी, आबिद जट्ट, हम्माद बरकाती और राणा हुनैन से जुड़े थे। पाकिस्तानी गैंगस्टर्स के इशारे पर दोनों संदिग्ध देश के खिलाफ साजिश रच रहे थे।

ADG ने दी अहम जानकारी

ADG लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने बताया- जांच में पता चला है कि आरोपियों को पाकिस्तानी डॉन आबिद जट्ट के पोस्टर बुलंदशहर के कई इलाकों में लगाने और उनके वीडियो बनाकर भेजने का काम दिया गया था। इसके बदले उन्हें 12 हजार रुपए मिलने थे।

ATS के मुताबिक, इसका मकसद लोगों में डर और दहशत का माहौल बनाना था। दोनों को लखनऊ आर्मी कैंट और प्रयागराज के बमरौली एयरफोर्स स्टेशन जैसी संवेदनशील जगहों की रेकी करने का भी टास्क दिया गया था। इसके लिए उन्हें 10 हजार रुपए देने की बात कही गई थी। ATS को आरोपियों के पास से आबिद जट्ट के पोस्टर लगाते समय बनाए गए वीडियो और अन्य डिजिटल सबूत मिले हैं।