लखनऊ

सीएम योगी का एक्शन: 18 जिलों के 22 गांवों में लंबित चकबंदी दो महीने में पूरी

योगी सरकार ने किसानों के खेत की सीमा संबंधी विवादों को सुलझाने और सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए दो माह में 18 जिलों के 22 गांवों में चकबंदी की प्रक्रिया पूरी की है। इसमें 52 साल से लंबित चकबंदी मामलों का भी निस्तारण हुआ है।

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Jun 25, 2024
Yogi government

योगी सरकार लगातार अन्नदाताओं के हितों के लिए आवश्यक कदम उठा रही है। इसी कड़ी में किसानों के खेत की सीमा संबंधी विवादों को सुलझाने, गांवों को विकास से जोड़ने, सरकारी योजनाओं का लाभ देने एवं सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए गांवों में चकबंदी कराई जा रही है। सीएम योगी के निर्देश पर गांवों में ग्राम अदालत लगाकर वादों का त्वरित निस्तारण किया जा रहा है। सीएम योगी की मॉनीटरिंग का ही नतीजा है कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में महज दो महीने में प्रदेश के 18 जिलों के 22 गांवों में चकबंदी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

चकबंदी आयुक्त जीएस नवीन ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में मात्र दो माह में 22 गांवों में चकबंदी कराई जा चुकी है। इनमें जौनपुर, महराजगंज, देवरिया और बस्ती के दो-दो गांवों में चकबंदी कराई गई है। वहीं, सुल्तानपुर, बरेली, बुलंदशहर, हरदोई, बलिया, औरैया, फिरोजाबाद, गोरखपुर, संतकबीरनगर, कौशांबी, प्रयागराज, गाजीपुर, बिजनौर और लखीमपुर खीरी के एक-एक गांव में चकबंदी कराई गई है।

खास बातें 

योगी सरकार ने किसानों के हितों में 18 जिलों के 22 गांवों में दो माह में चकबंदी की प्रक्रिया पूरी की।
जौनपुर के ढेमा गांव में 52 वर्ष से लंबित चकबंदी का निस्तारण किया गया।
लखीमपुर खीरी के लोधीय गांव में सात माह में चकबंदी प्रक्रिया पूरी कर कीर्तिमान स्थापित किया।
ग्राम अदालतों के माध्यम से वादों का त्वरित निस्तारण किया जा रहा है।

Updated on:
25 Jun 2024 11:56 am
Published on:
25 Jun 2024 11:43 am
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