लखनऊ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बड़ा ऐलान: शिक्षा विभाग में 1.60 लाख से अधिक भर्तियां पूरी

शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों को सदन में रखा। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने 1.60 लाख से अधिक भर्तियां शिक्षा विभाग में पूरी की हैं। मुख्यमंत्री ने विपक्ष को नसीहत दी कि वे तथ्यों पर आधारित बात करें और सदन की गरिमा बनाए रखें।
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Dec 17, 2024
शिक्षा क्षेत्र में योगी सरकार की बड़ी उपलब्धियां
शिक्षा क्षेत्र में योगी सरकार की बड़ी उपलब्धियां

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान शिक्षा क्षेत्र में सरकार द्वारा किए गए कार्यों का पूरा ब्यौरा सदन में प्रस्तुत किया। उन्होंने विपक्षी विधायकों द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए शिक्षा विभाग में 1.60 लाख से अधिक भर्तियों का दावा किया। इसके साथ ही उन्होंने पिछली सरकारों पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं।

नया चयन बोर्ड: शिक्षा सेवा चयन आयोग

मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग का गठन कर दिया गया है, जो विभिन्न विभागों से अधियाचन मांगकर नियुक्ति प्रक्रिया को तेजी से पूरा कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह चयन बोर्ड प्रदेश के युवाओं को ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ नौकरी दिलाने के लिए कार्यरत है। मुख्यमंत्री ने कहा: "पिछली सरकारों की बदनीयती के कारण कई भर्तियां लंबित थीं। हमारी सरकार ने उन सभी प्रक्रियाओं को पारदर्शी तरीके से पूरा किया है और शिक्षा विभाग में अकेले 1.60 लाख से अधिक भर्तियां पूरी की हैं।"

आरक्षण नियमों का हो रहा पूर्ण पालन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार युवाओं के हित में पूरी तरह आरक्षण के नियमों का पालन कर रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि: पिछड़ी जाति के लिए 27% आरक्षण के तहत 18 हजार पद आरक्षित थे, लेकिन भर्ती 32,200 से अधिक हुई। अनुसूचित जाति के लिए 21% आरक्षण के तहत 12 हजार पद आरक्षित थे, लेकिन भर्ती 14 हजार से अधिक हुई। जनरल कैटेगरी के 34,500 पदों में केवल 20 हजार भर्ती हुईं। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े दिखाते हैं कि उनकी सरकार ने योग्यता और मेरिट के आधार पर भर्ती प्रक्रिया को संपन्न किया है।

शिक्षा की गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ नहीं

मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ किया था। शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था, लेकिन उच्चतम न्यायालय ने इन भर्तियों को खारिज कर दिया। योगी सरकार ने शिक्षामित्रों को मानदेय पर नियुक्त कर उनके हितों का ध्यान रखा है। उन्होंने बताया कि 44,000 से अधिक शिक्षकों की भर्ती माध्यमिक शिक्षा और उच्चतर शिक्षा चयन आयोग के माध्यम से पूरी की गई है। 69000 सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नियमों का पालन करते हुए नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं। 68500 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में भी निष्पक्षता सुनिश्चित की गई है।

पेपर लीक पर प्रभावी रोक
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सार्वजनिक परीक्षा और अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम - 2024 पारित किया। उन्होंने कहा कि यह कानून युवाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षाओं का अवसर प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री का विपक्ष पर हमला
मुख्यमंत्री ने विपक्ष द्वारा उठाए गए आंकड़ों को खारिज करते हुए कहा कि वे तथ्यहीन हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष राजनीति के नाम पर समाज में बंटवारे की खाई को चौड़ा करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पारदर्शी और निष्पक्ष भर्तियां कराई हैं, जो प्रदेश के युवाओं के लिए लाभकारी साबित हुई हैं।

मुख्यमंत्री का विजन: युवाओं को रोजगार और शिक्षा में सुधार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश के युवा शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करें। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश 25 करोड़ की आबादी वाला युवा राज्य है। हमारी सरकार ने युवाओं को रोजगार देने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए कई योजनाएं लागू की हैं।

मुख्य बिंदु

.1.60 लाख से अधिक शिक्षकों की भर्ती पूरी।
.आरक्षण नियमों का अक्षरशः पालन।
.पेपर लीक रोकने के लिए नया कानून।
.नया चयन बोर्ड - यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग।
.पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से युवाओं को लाभ।

Updated on:
17 Dec 2024 04:23 pm
Published on:
17 Dec 2024 04:23 pm