
लखनऊ. यूपी की योगी सरकार ने 4000 उर्दू शिक्षकों की भर्ती निरस्त करने के बाद अब 32022 खेलकूद एवं शारीरिक शिक्षा अनुदेशकों की भी भर्ती भी रद्द कर दी है। इन 32022 खेलकूद एवं शारीरिक शिक्षा अनुदेशकों की भर्ती अखिलेश सरकार में की गई थी। योगी सरकार ने Anudeshak Bharti प्रक्रिया रद्द करने का कारण निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के मापदंड के विपरीत होने को आधार बताया है।
11 हजार रुपए महीने के मानदेय रखना था एक अनुदेशक
आरटीई के तहत 100 से अधिक छात्रों वाले वाले उच्च प्राथमिक विद्यालयों में एक अंशकालिक अनुदेशक की नियुक्ति की जा सकती है। प्रदेश में अखिलेश यादव सरकार ने 2016 में बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से चल रहे सौ से कम छात्र वाले विद्यालयों में भी 32022 कार्यानुभव शिक्षा, शारीरिक शिक्षा और खेलकूद अनुदेशकों भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। इसके तहत प्रत्येक उच्च प्राथमिक विद्यालय में एक अनुदेशक को 11 हजार रुपए महीने के मानदेय पर संविदा को तौर पर रखना था लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
अभ्यर्थियों में बना मायूसी का माहौल
मार्च 2017 में सत्ता परिवर्तन के बाद योगी सरकार ने अनुदेशकों की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। शासन स्तर पर हुए मंथन में पता चला कि सपा सरकार ने भर्ती प्रक्रिया आरटीई के मापदंड के विपरीत शुरू की थी। अनुदेशक केवल सौ से अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों में नियुक्त हो सकते हैं। जबकि सपा सरकार ने सौ से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों में भी भर्ती प्रक्रिया शुरू की। सरकार की हरी झंडी के बाद विभाग द्वारा यह प्रक्रिया निरस्त कर दी गई है। अब अनुदेशकों की भर्ती प्रक्रिया निरस्त होने के बाद अभ्यर्थियों में मायूसी का माहौल बना हुआ है।