मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने बीते 8 महीने के कार्यकाल में दिव्यांग जनों के लिए बड़े कार्य किए हैं।
लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह के मौके पर बड़ी संख्या में उत्कृष्ट कार्य कर रहे दिव्यांगों को वह दिव्यांगता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे लोगों अधिकारियों को सम्मानित किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा सेवा जीवन का चरम लक्ष्य होता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने बीते 8 महीने के कार्यकाल में दिव्यांग जनों के लिए बड़े कार्य किए हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लखनऊ के विभिन्न दिव्यांगजन सशक्तीकरण विद्यालयों व संस्थाओं के दिव्यांगजनों को कान की मशीन, स्मार्ट केन, व्हील चेयर एवं ट्राईसाइकिल व बैसाखी का वितरण किया। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि दिव्यांगजनों की पेंशन को रूपये 300 से बढ़ाकर रूपये 500 कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि शादी अनुदान राशि बीस हजार रुपये से बढाकर पैंतीस हजार रुपये कर दी गई है। साथ ही शल्य चिकित्सा के लिए मदद राशि बढाकर आठ हजार से दस हजार रुपये कर दी गई है। कार्यक्रम में मंत्री अनिल राजभर, मंत्री सुरेश खन्ना, प्रमुख सचिव दिव्यांग महेश कुमार गुप्ता निदेशक व अन्य अफसर मौजूद रहे। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न श्रेणियों में दिव्यांगजनों तथा इन लोगों के हित में कार्य करने वाली संस्थाओं एवं व्यक्तियों को राज्य स्तरीय पुरस्कारों से सम्मानित किया।
- सर्वश्रेष्ठ दिव्यांग कर्मचारी - लखनऊ के मुकेश सिंह एवं भगत सिंह यादव तथा इलाहाबाद के दीपक कुमार त्रिपाठी।
- सर्वश्रेष्ठ दिव्यांग खिलाडी - बाँदा के कुलदीप तथा कानपुर की कोमल जयसवाल।
- दिव्यांगजन के लिए प्रेरणास्रोत - लखनऊ की मृदु आर गोयल, झाँसी के राम सिंह, हाथरस के राजेश कुमार उपाध्याय, चंदौली के राकेश यादव रौशन तथा गोरखपुर के धर्मेंद्र।
- सर्वश्रेष्ठ सृजनशील दिव्यांग वयस्क व्यक्ति - मेरठ के वीरेंद्र पाल सिंह चौहान
- सर्वश्रेष्ठ सृजनशील दिव्यांग बालिका - वाराणसी की प्रतीक्षा सारकी
- दिव्यांगजन का जीवन सुधारने के लिए सर्वश्रेष्ठ नवीन अनुसंधान हेतु - लखनऊ की पीसीएस अधिकारी ऋतु सुहास।
- दिव्यांगजन हेतु बाधामुक्त वातावरण सृजन हेतु - पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति गोरखपुर।
- दिव्यांगजन को पुनर्वास सेवाएं प्रदान करने वाला सर्वश्रेष्ठ जिला - लखनऊ जनपद।
- सर्वश्रेष्ठ ब्रेल प्रेस - राजकीय ब्रेल प्रेस लखनऊ।
- दिव्यांगजन के लिए कार्यरत सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति - सुल्तानपुर की रिश्ता वर्मा तथा चित्रकूट के प्रोफ़ेसर योगेश चंद्र दुबे।
- दिव्यांगजन के लिए कार्यरत सर्वश्रेष्ठ संस्था - लखनऊ का संकेत राजकीय मूक-बधिर विद्यालय तथा गाजीपुर जिले की ‘समर्पण‘ संस्था।