सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पौने छह सालों में हमने भ्रष्टाचार और भ्रष्टारियों के लिए भी जीरो टालरेंस की नीतियों को अपनाया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में चयनित 1395 प्रवक्ता और सहायक अध्यापकों को लोकभवन में नियुक्ति पत्र प्रदान किया। उसी दौरान उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में बेरोजगारी दर 19% से घटकर सिर्फ 2% रह गई है। उन्होंने कहा कि मैं ये दावा राष्ट्रीय नेशनस एंजेसियां के रिपोर्ट पर कह रहा हूं।
उन्होंने कहा, “2017 के बाद से यूपी के सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचार खत्म हो गया है। पहले की सरकारों में भर्ती के साथ ही महाभारत के सभी रिश्ते वसूली के लिए निकल पड़ते थे। अब यूपी में युवाओं को उनकी क्षमता के अनुसार और बिना भेदभाव के नौकरी मिल रही है।”
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यूपी में कोई भ्रष्टाचार की शिकायत नहीं कर सकता: सीएम योगी
सीएम योगी ने कहा, “आज भर्ती में कोई भाई-भतीजावाद, जातिवाद नहीं है। कोई भ्रष्टाचार की शिकायत नहीं कर सकता। भर्ती की हर प्रक्रिया को मिशन रोजगार के तहत बढ़ाया। उसी का परिणाम है कि जिस प्रदेश में वर्षों तक नियुक्ति नहीं हो पाती थी। वहां साढ़े 5 वर्ष में 5 लाख से अधिक सरकारी नौकरी देने में सफलता हासिल की गई।”
केंद्रीय शिक्षा नीति क्रांतिकारी निर्णय है : सीएम योगी
सीएम योगी आदित्यनाथ शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा, “शिक्षक बनने के बाद पुरस्कार के लिए लाइन न लगाएं। आपका काम करने का तरीका ही पुरस्कार है। बिना काम किए और बिना योग्यता के पुरस्कार पाने वाले हंसी के पात्र बनते हैं।
सम्मान के लिए खुद को तैयार करें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति क्रांतिकारी निर्णय है। शिक्षा जगत के जरिए भारत दुनिया में शिक्षा के सबसे बड़े केंद्र के रूप में फिर से उभरने की ताकत रखता है। उसके लिए शिक्षकों को तैयार करना होगा।”