लखनऊ

सीएम योगी के प्रस्ताव पर पीएम मोदी की मुहर.. तो अब रुक जाएंगी दुष्कर्म की वारदातें ?

सीएम योगी के प्रस्ताव पर पीएम मोदी की मुहर, अब नहीं होगा बच्चों से दुष्कर्म

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Apr 22, 2018

लखनऊ. बच्चियों से दुष्कर्म की घटनाओं को देखते हुए सरकार ने ऐसे मामलों में सख्त सजा के प्रावधान लाने का फैसला किया है। फैसले के तहत अब 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से रेप करने वाले आरोपियों को रेप की सजा होगी। सरकार के इस फैसले से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि महिलाअों अौर बालिकाअों की सुरक्षा, सम्मान अौर गरिमा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। नाबालिग से रेप पर मृत्युदंड के लिए कानून में संशोधन का प्रस्ताव यूपी सरकार केंद्र को पहले ही भेज चुकी है।

16 वर्ष की उम्र की बच्चियों से रेप होने पर हो फांसी

वहीं इस फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए उन्नाव रेप पीड़िता ने कहा कि 12 वर्ष के स्थान पर 16 वर्ष की उम्र की बच्चियों से रेप होने पर फांसी की सजा का प्रावधान होना चाहिए। पीड़िता ने ये भी कहा कि आरोपी कितना भी पैसेवाला या शक्तिशाली क्यों ना हो उसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

पीएम मोदी को साधुवाद दे जनता : साक्षी महाराज

भारतीय जनता पार्टी के सांसद साक्षी महाराज ने भी सरकार के इस फैसले को समाज के हीत के लिए बताया। उन्होंने कहा कि लगता है कि भाजपा के दिल और दिमाग में नारी शक्ति के प्रति सम्मान है। उस सम्मान की अभिव्यक्ति करने के लिए और जो कन्याओं का उत्पीड़न हो रहा है उसे रोकने के लिए जिसकी बहुत पहले से मांग थी। सरकार अब इसके कानून को और सख्त करते हुए अध्यादेश लेकर आई है। इस निर्णय का धन्यवाद करना चाहिये और मोदी को साधुवाद करना चाहिए।

बता दें कि नए बदलाव के तहत लिए गए फैसले के अंतर्गत 12 साल की बच्चियों से रेप पर फांसी की सजा होगी। 16 साल से छोटी लड़की से गैंगरेप पर उम्रकैद की सजा होगी। 16 साल से छोटी लड़की से रेप पर कम से कम 20 साल तक की सजा होगी। सभी रेप केस में 6 महीने के भीतर फैसला सुनाना होगा। नए संशोधन के तहत रेप केस की जांच 2 महीने में पूरी करनी होगी। अग्रिम जमानत नहीं मिलेगी। महिला से रेप पर सजा 7 से बढ़कर 10 साल होगी।

Published on:
22 Apr 2018 10:05 am
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