लखनऊ

‘जिन EVM से चुनाव जीते, उन्हें ब्लैक बॉक्स कहना ठीक नहीं’, राहुल गांधी के बयानों पर CM योगी का करारा जवाब

CM Yogi Adityanath Statement: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहुल गांधी के बयानों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका और EVM पर सवाल उठाना और इसे ब्लैक बॉक्स कहना दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का अपमान है।
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Sep 27, 2026
CM Yogi Adityanath, Rahul Gandhi, Election Commission Controversy
सीएम योगी (IANS Photo)

CM Yogi Statement on SIR Controversy:उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयानों को लेकर उन पर बहुत कड़ा प्रहार किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट रूप से कहा कि देश की संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर लगातार सवाल खड़े करना विपक्ष की एक सोची-समझी राजनीतिक आदत बन गई है। उन्होंने विशेष रूप से राहुल गांधी द्वारा विदेशों में दिए गए बयानों और देश की स्वतंत्र न्यायपालिका तथा मजबूत चुनाव प्रणाली पर उठाए गए सवालों को लेकर आपत्ति जताई है और इसे देश की लोकतांत्रिक गरिमा के खिलाफ बताया है।

'EVM को काला बक्सा कहना गलत'

इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के मुद्दे पर विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, "आज उन्हीं EVM मशीनों पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं; जिनकी बदौलत केंद्र सरकार और देश के विभिन्न राज्यों में अतीत में खुद कांग्रेस पार्टी की सरकारों का गठन होना संभव हो पाया था। जब EVM मशीनें उनके पक्ष में चुनाव परिणाम देती हैं तब वे पूरी तरह ठीक होती हैं...और जैसे ही परिणाम विपरीत आते हैं, इन्हें ब्लैक बॉक्स कहा जाने लगता है। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि इन मशीनों को काला बक्सा कहना और इस तरह से भारत की संपूर्ण चुनावी प्रणाली तथा दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर बेवजह संदेह पैदा करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।"

विपक्षी दलों के बयान गैर-जिम्मेदाराना

सीएम योगी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने अपने राजनीतिक हितों के लिए संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की कोशिश की है। योगी ने कहा कि देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी और UPA गठबंधन से जुड़ी अन्य पार्टियों की मौजूदा कार्रवाइयां और बयान बेहद गैर-जिम्मेदाराना और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए हानिकारक हैं।

क्या है चुनाव आयोग को लेकर चल रहा पूरा विवाद

दरअसल चुनाव आयोग को लेकर मौजूदा विवाद स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन(SIR) के जरिए मतदाता सूची में किए जा रहे बदलाव और आयोग के भीतर कथित मतभेदों से जुड़ा है। हाल ही में सामने आई द इंडियन एक्सप्रेस की (23 सितंबर, 2026) की रिपोर्ट में यह दावा किया गया था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में आयोग के 2 अन्य चुनाव आयुक्तों ने पिछले करीब 10 महीनों के दौरान कई महत्वपूर्ण फैसलों पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। इस रिपोर्ट के अनुसार, इन आपत्तियों का संबंध नए मतदाताओं को जोड़ने, नाम हटाने, मतदाता डेटा तक पहुंच और SIR से जुड़े तकनीकी प्रबंधन जैसे मुद्दों से था। दोनों आयुक्तों ने कम से कम 14 बार कुछ चुनिंदा फैसलों पर सवाल उठाए थे। साथ ही आपत्ति जताई कि कुछ महत्वपूर्ण फैसले उनकी जानकारी या मंजूरी के बिना कैसे लिए गए?

इस पूरे विवाद के सामने आने के बाद कांग्रेस पार्टी और अन्य प्रमुख विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि आयोग की पारदर्शिता पर अब संदेह पैदा होने लगा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत अन्य विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तक कर डाली है और चुनावों में धांधली होने के गंभीर आरोप लगाए हैं। विपक्ष का यह भी मानना है कि चुनाव आयोग जैसी स्वतंत्र संवैधानिक संस्था का इस तरह से विवादों में आना लोकतंत्र के लिए सही संकेत नहीं है।