सपा, बसपा व कांग्रेस ने इसकी शुरुआत की, तो सीएम योगी ने भी कई दिनों बाद भाजपा पर हो रहे हमले पर पलटवार किया।
लखनऊ. कोरोना काल जैसी बड़ी विपदा के बीच यूपी सरकार का पूरा ध्यान केवल लोगों को इस महामरी से बचाने पर केंद्रित है। बीते 40 दिनों से प्रदेश में राजनीति का सिलसिला थम सा गया था, लेकिन एक बार फिर गरीब व श्रमिकों के बहाने यह फिर से शुरू हो गया है। सपा, बसपा व कांग्रेस ने इसकी शुरुआत की, तो सीएम योगी ने भी कई दिनों बाद भाजपा पर हो रहे हमले पर पलटवार किया। उन्होंने सामने आकर विपक्ष पर कोरोना की लड़ाई को कमजोर करने का आरोप लगाया।
सीएम योगी ने मंगलवार को आपात काल में निजी स्वार्थ की राजनीति करने वालों की घोर निंदा की। उन्होंने कहा कि हमारे विरोधी दल कोरोना के खिलाफ देश की इस लड़ाई को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि मजदूर, गरीब व कामगारों पर तो जरा सी भी राजनीति होनी नहीं चाहिए। देश में यह पहली बार हो रहा है कि आपदा के समय में 1.70 हजार करोड़ रुपए का बड़ा राहत पैकेज पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत घोषित हुआ है। उन्होंने पूर्व की सरकारों पर हमला करते हुए कहा कि जो लोग अपने शासन काल में गरीब व महिलाओं का कल्याणकारी योजनाओं का पैसा हड़प जाते थे, वह तो कुछ भी बोलने के काबिल नहीं है। और आज जब पैसा उन गरीबों तक पहुंच रहा है तो उनकी बौखलाहट बिल्कुल स्पष्ट दिखाई देती है।
गरीबों से नहीं हो रहा भेदभाव- सीएम
उन्होंने कहा कि इस संकट की घड़ी में केंद्र व प्रदेश सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के साथ खड़ी है। श्रमिक-कामगारों को सरकारी वाहनों से घर पहुंचाया जा रहा है। ऐसे समय में भी गंदी सोच से राजनीति करने वालों को जनता खुद जवाब देगी। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार इतना कुछ कर रही है, फिर भी कुछ दल हर मुद्दे पर राजनीति करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि कोरोना वायरस को परास्त करने के लिए पहले की ही तरह धैर्य और संवेदनशीलता के साथ सहयोग करें।