सीबीएसई 10वीं कक्षा की परीक्षा के परिणाम आज घोषित हुए जिसमें यूपी की दो छात्राओं ने टॉप किया है।
लखनऊ. सीबीएसई 10वीं कक्षा की परीक्षा के परिणाम आज घोषित हुए जिसमें यूपी की दो छात्राओं ने टॉप किया है।शामली की नंदिनी गर्ग और बिजनौर की रिमझिम अग्रवाल ने सीबीएसई बोर्ड में टॉप कर अपने-अपने जिले का नाम रोशन किया। इसके लिए सीएम योगी ने दोनों छात्रों को बधाई दी है। वहीं आज राजधानी के राम मनोहर लोहिया ला यूनिवर्सिटी में 'मेधावी विद्यार्थी सम्मान 2018' कार्यक्रम का आयोजिन हुआ जिसमें यूपी बोर्ड में हाईस्कूल के 55, इंटरमीडिएट के 42, CBSE के इंटरमीडिएट के 11, ICSE और ISC बोर्ड के हाईस्कूल के 16 और इंटरमीडिएट के 22 छात्र को सम्मानित किया गद।वहीं प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान पाने वाले मेधावी छात्रों के 11 प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया जाएगा।
सीबीएसई बोर्ड की टॉपर्स को सीएम योगी ने दी बधाई-
सीएम योगी सीबीएसई की वर्ष 2018 की 10वीं की परीक्षा के सफल छात्र-छात्राओं को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की है। वहीं उन्होंने परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली शामली की नंदिनी गर्ग और बिजनौर की रिमझिम अग्रवाल को विशेष तौर पर बधाई दी है।
'मेधावी विद्यार्थी सम्मान 2018' कार्यक्रम का हुआ आयोजन-
इससे पहले आज सुबह 'मेधावी विद्यार्थी सम्मान 2018' का आयोजिन हुआ जिसमें सीएम योगी ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले 1,709 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। सम्मानित होने वाले मेधावी विद्यार्थियों में से 146 राज्यस्तर और 1,563 जनपदस्तर के हैं। राज्यस्तर के मेधावी विद्यार्थियों को एक-एक लाख रुपये का चेक, एक टैबलेट, मेडल व प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया। वहीं जनपदस्तर के मेधावी विद्यार्थियों को 21 हजार रुपये का चेक, एक टैबलेट, मेडल और प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर पुरस्कृत किया गया। सीएम योगी ने प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले 11 विद्यार्थियों के माता-पिता और प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया।
बालक-बालिका में भेद न करें अभिभावक-
इस दौरान उन्होंने कहा कि मनुष्य अपनी मेधा और परिश्रम से असंभव को संभव बना सकता है। सरकार ने मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान के माध्यम से प्रदेश की ऊर्जा और मेधा को मंच प्रदान किया है। प्रदेश बोर्ड की इस वर्ष की मेरिट लिस्ट के 97 विद्यार्थियों में 35 बालक और 62 बालिकाएं हैं। बालकों की तुलना में लगभग दोगुनी बालिकाओं ने मेरिट में जगह बनाई है। बालिकाओं में अपार क्षमता है। समुचित अवसर मिलने पर वे देश में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं। सीएम योगी ने आखिर में अभिभावकों से बालक-बालिका में भेद न करने का आह्वान किया।