
Yogi Cabinet Big Decision: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इस बैठक में सीएम योगी ने शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। अब जलालाबाद का नाम 'परशुरामपुरी' कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलकर भगवान परशुराम के नाम पर रखने का निर्णय लिया है। यह स्थान भगवान परशुराम की जन्मस्थली के नाम से जाना जाता था। अब जलालाबाद को फिर से पुराने अस्तत्व के रूप में जाना जाएगा। जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की मांग के बाद सरकार ने नाम बदलने का निर्णय लिया है।
कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि जलालाबाद भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में माना जाता है। यूपी सरकार ने 25 जून 2025 को नाम परिवर्तन का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था। केंद्र से नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) मिलने के बाद कैबिनेट ने इसे मंजूरी दी।
सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, नगरीय विकास, कृषि और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिली है। कैबिनेट बैठक में यूपी में होमगार्ड्स और उनके परिवार के लिए अब 5 लाख रुपए तक की कैशलेस इलाज सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। बता दें कि प्रदेश में अभी 1.18 लाख होमगार्ड हैं। इसके अलावा 41 हजार होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
सरकार ने कैबिनेट बैठक में वाराणसी में ESIC मेडिकल कॉलेज की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है। इस मेडिकल कॉलेज की 50% सीटें श्रमिकों के बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगी। इसके अलावा योगी कैबिनेट में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन डायरेक्टरेट की स्थापना, यूपी स्टार्टअप नीति-2026 और डेटा सेंटर पॉलिसी को भी मंजूरी मिली है। इसके तहत 1000 करोड़ रुपए का स्टार्टअप फंड रखा गया है। इसमें 400 करोड़ का फंड AKTU का है।
UP सरकार ने पशुपालकों के लिए मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना को भी मंजूरी दी है। यह योजना प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू होगी। इसमें प्रीमियम का 85% हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी, जबकि 15% राशि पशुपालकों को देनी होगी। कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि इससे किसानों और पशुपालकों पर आर्थिक बोझ कम होगा। इस योजना के तहत प्रत्येक पशुधन की बीमा योग्य कीमत तय की जाएगी।
योजना के तहत सरकार ने मुर्रा भैंस का मूल्य 75 हजार रुपए तय किया गया है। विदेशी, हरियाणवी और साहीवाल/गिर नस्ल की गायों का मूल्य 50 हजार से 65 हजार रुपए के बीच होगा। बैल का मूल्य 40 हजार, घोड़ा 60 हजार, जबकि खच्चर, गधा आदि का मूल्य 20 हजार रुपए तय किया गया है। भेड़ और बकरी की बीमा योग्य कीमत 6,500 रुपए होगी।
कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि प्रदेश की गौशालाओं में वर्तमान में करीब 1.35 लाख गोवंश हैं, जिनके रखरखाव पर प्रतिदिन लगभग 8 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। बीमा प्रीमियम में केंद्र सरकार 51%, राज्य सरकार 34% और पशुपालक 15% हिस्सा वहन करेंगे। दैवीय आपदा, बीमारी या दुर्घटना से पशु की मृत्यु होने पर बीमा का लाभ मिलेगा।