
लखनऊ. भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM Lucknow) में लीडरशिप डवलपमेंट प्रोग्राम ‘मंथन-2’ का रविवार को आयोजन हुआ जिसमें सीएम योगी समेत मंत्री परिषद के सभी मंत्री आईआईएम की बस में सवार होकर हिस्सा लेने पहुंचे। मंथन 2 की कार्यशाला का मुख्य विषय टीम वर्क रहा जिसके गुरुमंत्र संस्थान के वरिष्ठ प्रोफेसरों ने दिए। रविवार को आयोजित मंथन-2 प्रोग्राम की खास बात यह रही कि सभी मंत्रियों के साथ-साथ विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिवों को भी इसमें शामिल किया गया और उन्हें खास ट्रेनिंग दी गई। सीएम योगी ने प्रोग्राम की शुरुआत में मीडिया को संबोधित करते हुए इसका महत्व बताया व टीम वर्क पर जोर देने की बात कही। मंथन का पहला चरण आठ सितंबर को आयोजित किया गया था। जिसमें मंत्रियों के साथ सुशासन का रोडमैप तैयार करने के लिए बैठक हुई थी। मंत्रियों ने बेहतर विजन व कार्यशैली विकसित करने और निर्णयों को कुशल प्रबंधन के माध्यम से जमीन पर उतारने का पाठ पढ़ा था। आईआईएम के प्रोफेसरों ने मंत्रिमंडल के सदस्यों के सामने सवाल भी रखे थे।
लक्ष्य निर्धारण और उसे पूरा करने के लिए मंथन-
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में काम को आगे बढ़ाने व अपने लक्ष्यों को निर्धारित करने के साथ ही उन्हें प्राप्त करने के लिए कौन से कार्यक्रम होंगे, इसको लेकर यह मंथन होने जा रहा है। तीसरे तरण में यहीं टीम आईआईएम लखनऊ के साथ बैठेगी और राज्य के समस्त विकास को इम्प्लीमेंट करने के लिए कार्ययोजना तैयार करेगी, जिसके लेकर हम लोग आगे जाएंगे। सीएम योगी ने कहा कि जब आईआईएम जैसी संस्थाएं शासन प्रशासन के साथ मिलकर कार्यक्रम को आगे बढ़ाएंगी तो हम लोग एक बेहतर परिणाम देने में सफल हो पाएंगे।
मंत्रियों के पास जनसेवा का अनुभव-
मुख्यमंत्री बोले, इसमें अलग- अलग क्षेत्र है। पहला हमारे मंत्रियों का समूह है, जिन्हें जनता की सेवा का अनुभव है। अलग-अलग क्षेत्रों की विशेषज्ञता उनके पास है। दूसरा हमारा प्रशासनिक तंत्र है, जनके पास विजन तो है, लेकिन उसे इम्प्लीमेंट कैसे करना है, वह आईआईएम के साथ मिलकर उसकी कार्ययोजना को तैयार करेंगे और आगे बढ़ेंगे।