लखनऊ

सीएम योगी ने वीर पुलिसकर्मियों को दिया सम्मान, शहीद सुनील कुमार की पत्नी भी हुईं सम्मानित

लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अदम्य साहस दिखाने वाले पुलिसकर्मियों को वीरता पदक से सम्मानित किया। शहीद निरीक्षक सुनील कुमार की पत्नी का भी सम्मान हुआ।
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Oct 01, 2026
अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा को सलाम, सीएम योगी ने वीरता पदक से सम्मानित किए पुलिसकर्मी (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा को सलाम, सीएम योगी ने वीरता पदक से सम्मानित किए पुलिसकर्मी (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )

CM Yogi Adityanath: अदम्य साहस, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देने वाले उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को वीरता पदक प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर पुलिस सेवा के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद निरीक्षक सुनील कुमार को भी श्रद्धापूर्वक याद किया गया। मुख्यमंत्री ने उनकी पत्नी मुनेश देवी को नगद धनराशि और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन भी मुख्यमंत्री ने किया।

शौर्य और कर्तव्य के सम्मान का अवसर

समारोह में वीरता पदक से अलंकृत पुलिसकर्मियों को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस सेवा में साहस और कर्तव्यपरायणता के महत्व को रेखांकित किया। पुलिसकर्मियों के लिए ऐसे सम्मान उन अधिकारियों और जवानों के योगदान को सामने लाते हैं, जिन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपने दायित्व का निर्वहन किया। वीरता पदक से सम्मानित पुलिसकर्मियों में एसटीएफ, नागरिक पुलिस, पीएसी और विभिन्न जिलों व पुलिस कमिश्नरेट में तैनात अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हैं। इनमें आरक्षी से लेकर निरीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक और आईपीएस अधिकारी तक शामिल हैं।

शहीद निरीक्षक सुनील कुमार को श्रद्धांजलि

समारोह का महत्वपूर्ण पक्ष शहीद निरीक्षक सुनील कुमार के परिवार का सम्मान रहा। एसटीएफ में तैनात रहे निरीक्षक सुनील कुमार ने 20 जनवरी 2025 को शामली के झिंझाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान अदम्य साहस का परिचय दिया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मुठभेड़ में चार अपराधी मारे गए थे और कर्तव्य पालन के दौरान निरीक्षक सुनील कुमार वीरगति को प्राप्त हुए थे।

शहीद निरीक्षक सुनील कुमार की पत्नी मुनेश देवी का भी सम्मान  (फोटो सोर्स : Ritesh Singh ) 

स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर उन्हें मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किए जाने की घोषणा भी की गई थी। मुख्यमंत्री द्वारा उनकी पत्नी मुनेश देवी को सम्मानित किया जाना पुलिस सेवा में दिए गए सर्वोच्च बलिदान और शहीद परिवारों के प्रति सम्मान का प्रतीक रहा।

गणतंत्र दिवस 2025 के पदक विजेता

गणतंत्र दिवस 2025 के अवसर पर घोषित वीरता पदक पाने वालों में एसटीएफ के आरक्षी देवदत्त सिंह, राजन कुमार और रितुल कुमार वर्मा शामिल हैं। इनके साथ नवमी वाहिनी पीएसी, मुरादाबाद के सेनानायक निपुण अग्रवाल, आईपीएस, गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट के अपर पुलिस उपायुक्त स्वतंत्र कुमार सिंह और मेरठ के उपनिरीक्षक मुन्ने सिंह को भी सम्मानित किया गया। इसी क्रम में गाजियाबाद कमिश्नरेट के आरक्षी नीरज कुमार पाल, हरदोई के पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा, आईपीएस, संभल के पुलिस उपाधीक्षक कुलदीप कुमार, शाहजहांपुर के निरीक्षक गीतेश कपिल और सहारनपुर के आरक्षी प्रवीण अहलावत का नाम भी वीरता पदक पाने वालों में शामिल है।

सीएम योगी ने वीर पुलिसकर्मियों को दिया सम्मान (फोटो सोर्स : Ritesh Singh ) 

एसटीएफ के निरीक्षक अमित, उपनिरीक्षक अंगद सिंह यादव, लखनऊ कमिश्नरेट की पुलिस उपायुक्त डॉ. दीक्षा शर्मा, गाजियाबाद कमिश्नरेट के आरक्षी संदीप कुमार और निरीक्षक रिपुदमन सिंह को भी गणतंत्र दिवस 2025 के अवसर पर घोषित वीरता पदक के लिए सूचीबद्ध किया गया था।

2026 के पदक विजेताओं का भी सम्मान

गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर घोषित वीरता पदक पाने वाले पुलिसकर्मियों को भी समारोह में सम्मानित किया गया। इनमें बुलंदशहर के निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह राठौर, एसटीएफ के उपनिरीक्षक केशव शांडिल्य और मुख्य आरक्षी राहुल कुमार शामिल हैं। मथुरा के उपनिरीक्षक अजय कुमार वर्मा, एसटीएफ के निरीक्षक घनश्याम यादव, मैनपुरी के उपनिरीक्षक अवनीश कुमार त्यागी और एसटीएफ के आरक्षी अमित त्रिपाठी को भी वीरता पदक के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा एसटीएफ के निरीक्षक अमित, गाजियाबाद कमिश्नरेट के निरीक्षक मनीष बिष्ट और मुख्य आरक्षी रणधीर सिंह को भी इस सूची में शामिल किया गया है।

पुलिस सेवा में साहस की मिसाल

वीरता पदक केवल एक सम्मान नहीं बल्कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पुलिसकर्मियों की भूमिका को रेखांकित करने वाला महत्वपूर्ण अवसर होता है। पुलिस सेवा में कई बार अधिकारियों और जवानों को अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई, मुठभेड़ और कानून-व्यवस्था से जुड़ी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता और जोखिम उठाकर जिम्मेदारी निभाने वाले पुलिसकर्मियों के योगदान को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाना विभागीय मनोबल के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। समारोह में सम्मानित पुलिसकर्मियों में अलग-अलग स्तर के अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे, जिससे पुलिस सेवा में साहस और जिम्मेदारी की व्यापक भूमिका सामने आई।

‘संघर्ष’ पुस्तक का विमोचन

कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। पुलिस व्यवस्था और पुलिस सेवा से लंबे समय से जुड़े रहे प्रकाश सिंह का नाम पुलिस सुधार के मुद्दों से भी जुड़ा रहा है। पुस्तक के विमोचन ने समारोह में पुलिस सेवा और उसके अनुभवों से जुड़े एक अलग आयाम को जोड़ा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन करते हुए। (फोटो सोर्स : Ritesh Singh ) 

‘संघर्ष’ के विमोचन के माध्यम से पुलिस सेवा के अनुभवों और उससे जुड़े संघर्षों को पाठकों तक पहुंचाने का अवसर मिला। समारोह में वीरता पदक वितरण और पुस्तक विमोचन दोनों कार्यक्रमों ने पुलिस सेवा के साहस, जिम्मेदारी और अनुभवों को केंद्र में रखा।

सम्मान से बढ़ता है पुलिस बल का मनोबल

पुलिसकर्मियों को वीरता पदक से सम्मानित किए जाने का उद्देश्य उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा को सार्वजनिक मान्यता देना है। पुलिस बल में तैनात जवान और अधिकारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हैं। कठिन परिस्थितियों में उल्लेखनीय कार्य करने वालों को सम्मान मिलने से उनके योगदान को समाज के सामने लाने का अवसर मिलता है। लखनऊ में आयोजित यह समारोह उन पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान का अवसर भी रहा, जिन्होंने सेवा के दौरान कठिन परिस्थितियोंका सामना किया। विशेष रूप से शहीद निरीक्षक सुनील कुमार की पत्नी मुनेश देवी का सम्मान समारोह का भावनात्मक पक्ष रहा। वहीं वीरता पदक प्राप्त करने वाले पुलिसकर्मियों ने पुलिस सेवा में साहस, जिम्मेदारी और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की।