लखनऊ

सीएम योगी ने ग्राम प्रधानों से किया वर्चुअल संवाद, कोरोना तीसरी लहर व बरसाती बीमारियों से निपटने के दिए मंत्र

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने शुक्रवार को प्रदेश के नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों (Gram Pradhans) से वर्चुअली संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कोरोना तीसरी लहर व बरसात के मौसम में होने वाली बीमारियों से लोगों के बचाव के तरीके बताए।

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May 28, 2021
CM Yogi

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने शुक्रवार को प्रदेश के नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों (Gram Pradhans) से वर्चुअली संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कोरोना तीसरी लहर व बरसात के मौसम में होने वाली बीमारियों से लोगों के बचाव के तरीके बताए। उन्होंने सभी ग्राम प्रधानों की सराहना की कि ग्रामीण स्तर पर कोरोना को रोकने में वह कामयाब हुए। उन्होंने सभी से कोरोना मुक्त गांव बनाने में कंपटीशन की भावना होने की बात कही। साथ ही स्वच्छता, घर-घर सैनेटाइजन, घर-घर कोविड जांच कराने के निर्देश दिए।

कोरोना के खिलाफ लड़ाई निर्णायक चरण में पहुंच रही: सीएम

सीएम ने सबसे पहले नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आपका दायित्व अब बहुत महत्वपूर्ण है। ऐसे समय में जबकि कोरोना के खिलाफ हमारी लड़ाई निर्णायक चरण में पहुंच रही है, तब आपकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। मुझे प्रसन्नता है कि बहुत से ग्राम प्रधानों ने बगैर शपथ ग्रहण की औपचारिकता की प्रतीक्षा किये परिणाम के तत्काल बाद निगरानी समितियों के साथ मिलकर काम शुरू कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों मैं सहारनपुर गया था, वहां मैंने देखा कि एक महिला प्रधान, कोरोना मरीजों को अपने घर से भोजन उपलब्ध करा रहीं थीं। उनके रहने के लिए ग्राम पंचायत भवन का उपयोग किया। ऐसे अनेक प्रेरणास्पद कार्य पूरे प्रदेश में हो रहे हैं।

रिकवरी रेट बहुत अच्छी-

सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और जनता के सहयोग के कारण ही आज यह स्थिति है कि जिस प्रदेश के बारे में विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया था कि मई में यहां हर दिन एक लाख केस आएंगे, वहां आज कुल मरीजों की संख्या 52000 है। बीते 24 घंटों में यहां मात्रा 2402 नए कोरोना मरीज पाए गए। हमारी रिकवरी रेट बहुत अच्छी है तो पॉजिटिविटी दर 01 से नीचे आ गई है। उन्होंने आगे कहा कि हम कोरोना की दूसरी लहर से लड़ते हुए आज उस स्थिति में हैं, जहां से सजगता, सतर्कता, सावधानी बहुत आवश्यक है। ग्राम प्रधान के रूप में आप सभी अपने-अपने गांवों की निगरानी समितियों के अध्यक्ष हैं। हमारी निगरानी समितियों ने अब तक बहुत ही अच्छा कार्य किया है। एक-एक घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग की, जरूरत के अनुसार उन्हें मेडिकल किट दिया। लोगों के टेस्ट कराए, क्वारन्टीन किया। निगरानी समितियों के पास इन्फ्रारेड थरमामीटर है, सैनीटाइज़र है। अब आप की देखरेख में यह कार्य तेजी से और आगे बढ़ेगा।

गांव से बाहर आने वाले व्यक्ति पर रखें नजर-

सीएम ने कहा कि गांव में बाहर से कोई भी आये उस पर नजर रखें। पूरी सजगता बरतें। 'मेरा गांव कोरोना मुक्त गांव' के संदेश को हर ग्रामवासी का लक्ष्य बनाने के लिए प्रेरित करें। इसके लिए पंचायतों में एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का भाव होना चाहिए। बहुत सी ग्राम पंचायतों के गठन का कार्य अभी होना शेष है। सदस्यों का चयन कर इस प्रक्रिया को भी तेजी से पूरा कराएं।

जीवन और जीविका दोनों को बचाना है-

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना का हम सभी पर बहुत असर पड़ा है। हमारी प्राथमिकता जीवन और जीविका दोनों को बचाना है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार सभी के भरण-पोषण की व्यवस्था कर रही है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से जून और जुलाई में निःशुल्क राशन दिया जा रहा है तो राज्य सरकार जून, जुलाई और अगस्त में राशन वितरण करेगी। ग्राम प्रधान गण यह सुनिश्चित कराएं कि एक भी पात्र व्यक्ति राशन से वंचित न रहे। कहीं भी घटतौली न हो। सभी दुकानों पर कोरोना प्रोटोकॉल का पालन हो।

सभी को मास्क लगाने के लिए प्रेरित करें-

सीएम योगी ने कहा कि पिछले वर्ष स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं ने मास्क तैयार करने का अभिनव काम किया था। इस वर्ष भी उन्हें प्रोत्साहित करें। यह उनके आय का साधन भी बनेगी। गांवों में सभी को मास्क लगाने के लिए प्रेरित करें। कहीं भी भीड़भाड़ न होने दें। सर्दी-खांसी के मरीजों पर नजर रखें। उन्हें निगरानी समिति के माध्यम से तत्काल मेडिसिन किट उपलब्ध कराएं। 24 घंटे के भीतर उनका एंटीजन टेस्ट कराएं। उन्हें क्वारन्टीन कराएं। अगर पॉजिटिव न आएं और फिर भी संदिग्ध लगें तो आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए सैम्पल भिजवाएं।

बरसात बीमारियों का वाहक है-

सीएम ने आगे कहा कि बरसात का मौसम प्रारंभ होने वाला है। यह बीमारियों का वाहक भी है। इंसेफेलाइटिस चिकनगुनिया, डेंगू, मलेरिया जैसी जलजनित अथवा विषाणु जनित बीमारियों से अपने गांव को सुरक्षित रखें। इसके लिए सबसे जरूरी है दिन में स्वच्छता, दोपहर में सैनीटाइजेशन और शाम होते ही फॉगिंग। हर रोज न सही पर दो दिन के अंतराल पर यह कार्य जरूर हो। नालियों में बहाव हो। जलजमाव न हो। यह ध्यान रखें स्वास्थ्य विभाग गांव में बाद में पहुंचेगा, इन सबकी पहली जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की ही है। उन्होंने कहा कि सरकार शुद्ध पेयजल की उपलब्धता के लिए वृहद कार्यक्रम चला रही है। आप सभी लोगों को बताएं कि शुद्ग पेयजल न हो और हैंडपंप हो तो पानी गरम कर पियें। छानकर पियें। इससे मलेरिया जैसी बीमारियां नहीं होंगी।

Published on:
28 May 2021 08:53 pm
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