बाढग़्रस्त जिलों का किया दौरान, जानी हकीकत।
लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बाढग़्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और हालात का जायजा लिया। सीएम योगी ने इसके बाद अधिकारियों को सख्त हिदायद दी कि अगर बाढग़्रस्त इलाकों में समय रहते मदद नहीं पहुंची और इस कारण से कोई बड़ा हादसा हुआ तो सीधे अधिकारी जिम्मेदार होंगे। उन्होंने बाढ़ के बाद होने वाली बीमारियों के फैलने से बचने के लिए उपाय करने के भी निर्देश दिए। वहां से लौटकर उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक की और बाढ़ से निपटने की कार्ययोजना देखी।
सबसे पहले तराई का लिया जायजा
सीएम योगी ने सबसे पहले बहराइच के बाढ़ प्रभावित महसी क्षेत्र में हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद उन्होंने गोंडा के बाढ़ प्रभावित करनैलगंज इलाकों का रुख कर वहां के हालातों का जायजा लिया। गोंडा, बलरामपुर, बहराइच, लखीमपुर-खीरी बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। वहीं फर्रूखाबाद, कन्नौज, रायबरेली समेत कई जिले भी बाढ़ से प्रभावित हैं। घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ जाने से एग्लिन-चरसड़ी तटबंध टूट गया है, जिसकी वजह से 36 गांवों में घाघरा का पानी घुस गया है। इस कारण गोंडा व बाराबंकी जिलों में तो हालत बेहद खराब हैं। प्रदेश में अबतक बारिश और बाढ़ के कहर से 175 की मौत हो चुकी है।
घाघरा, सरयू, गंगा नदी का तांडव जारी
घाघरा, सरयू, गंगा नदी का तांडव जारी है। गोंडा, बहराइच और बाराबंकी में घाघरा ने कई गांवों में तबाही मचा रखा है तो वहीं लखीमपुर में भी बाढ़ का तांडव जारी है यहां भी कई गांव जलमग्र हो गए हैं। सीएम योगी ने इसका जायजा लेने के लिए शुक्रवार को हवाई सर्वेक्षण किया और पीडि़त परिवारों को पूर्ण मदद देने का भरोसा दिलाया। सीएम नेे लखीमपुर, गोंडा, बाराबंकी और बहराइच में हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। बाराबंकी जिले में बाढ़ पीडि़त परिवारों को सीएम योगी ने राहत सामग्री भी प्रदान की और उन्हें भरोसा दिलाते हुए कहा कि आपदा पीडि़तों की मदद के लिए केंद्र व राज्य सरकार दोनों ही जनता की पूरी तरह से मदद करेंगी। साथ ही जिलों में संबंधित अधिकारियों को हर संभव मदद देने के निर्देश भी दिए।
अधिकारियों को दिए निर्देश
हवाई सर्वेक्षण के दौरान लखीमपुर पहुंचे सीएम योगी ने जिले के बाढ़ तथा कटान प्रभावित इलाकों का दौरा किया और अधिकारियों को राहत संबंधी निर्देश दिए। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करके बाढ़ राहत की तैयारियों का जायजा भी लिया। उन्होंने इस दौरान कहा कि जिले में बाढ़ से राहत के लिये राज्य के राहत कोष से 46 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गयी है।