School Closed Cold Wave: शीतलहर और घने कोहरे के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए लखनऊ जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बड़ा निर्णय लिया है। कक्षा प्री-प्राइमरी से आठवीं तक के सभी विद्यालयों में 8 जनवरी 2026 तक अवकाश घोषित किया गया है, जबकि उच्च कक्षाओं का समय बदला गया है।
School Holiday: उत्तर भारत में जारी कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच जनपद लखनऊ में जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बड़ा और अहम फैसला लिया है। शीतलहर के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार जनपद के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों में कक्षा प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों के लिए 8 जनवरी 2026 तक अवकाश घोषित किया गया है। वहीं कक्षा 9 से कक्षा 12 तक के विद्यालयों का संचालन परिवर्तित समय पर किया जाएगा।
जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के तहत अब कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाएं प्रातः 10 बजे से अपराह्न 3 बजे तक संचालित होंगी। यह निर्णय उन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिनमें सुबह और देर शाम के समय अत्यधिक ठंड, शीतलहर और कोहरे के कारण बच्चों के बीमार होने की आशंका बनी रहती है।
पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश समेत लखनऊ में न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। सुबह और रात के समय घना कोहरा छाया रहता है, जिससे दृश्यता बेहद कम हो जाती है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद पहाड़ी इलाकों से आ रही ठंडी और शुष्क उत्तरी-पश्चिमी हवाओं ने शीतलहर को और तेज कर दिया है। इन हालातों में विशेषकर छोटे बच्चों के लिए सुबह स्कूल जाना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए अवकाश का निर्णय लिया है। प्रशासन का मानना है कि बच्चों का स्वास्थ्य किसी भी परिस्थिति में प्राथमिकता पर होना चाहिए।
जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पूरी तरह पालन करें और बच्चों को ठंड से बचाने के लिए सभी आवश्यक उपाय अपनाएं। यदि कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थी विद्यालय जा रहे हैं तो उन्हें गर्म कपड़े, मफलर, टोपी और आवश्यकतानुसार दस्ताने पहना कर भेजें। इसके साथ ही स्कूल प्रबंधन को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे कक्षाओं में बैठने की समुचित व्यवस्था, बंद कमरों में ही पढ़ाई, और विद्यार्थियों को ठंड से बचाने के लिए जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करें।
अवकाश और समय परिवर्तन के कारण विद्यालयों में पढ़ाई का तरीका भी बदला है। कई स्कूलों ने ऑनलाइन होमवर्क, प्रोजेक्ट वर्क और वैकल्पिक शिक्षण गतिविधियों की योजना बनाई है ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। कुछ निजी विद्यालयों ने अवकाश के दौरान छात्रों को शैक्षणिक सामग्री डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी स्पष्ट किया है कि अवकाश के कारण किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा और जरूरत पड़ने पर आगे शैक्षणिक कैलेंडर में समायोजन किया जाएगा।