ग्रेस ने बीजेपी सरकार पर गंगा सफाई के नाम पर जनता को धोखा देने का आरोप लगाया है।
लखनऊ. कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर गंगा सफाई के नाम पर जनता को धोखा देने का आरोप लगाया है। कांग्रेस की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि एक तरफ जहां प्रदेश के सीए योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि आने वाले जनवरी माह में होने वाले महाकुम्भ से पूर्व गंगा नदी पूरी तरह स्वच्छ हो जायेगी वहीं केन्द्रीय जलसंसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि मार्च 2019 तक गंगा 70 से 80 प्रतिशत तक साफ हो जायेगी। यूपी कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अशोक सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा दिये जा रहे विरोधाभासी बयानों नेे गंगा सफाई के प्रति भाजपा की केन्द्र और यूपी सरकार की नकारात्मक रवैये को उजागर कर दिया है।
कांग्रेस के मुताबिक, 22हजार करोड़ रूपये की 240 परियोजनाएं केन्द्र सरकार द्वारा गंगा सफाई के लिए चलायी जा रही हैं किन्तु एनजीटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जमीनी स्तर पर काम नहीं हो रहा है। इससे साफ होता है कि केन्द्र सरकार गंगा नदी की सफाई के प्रति संजीदा ही नहीं है, एनजीटी की रिपोर्ट के अनुसार गंगा सफाई के नाम पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। गंगा नदी के किनारे लगभग 97 शहर बसे हुए हैं। जिनमें सिर्फ 84 सीवेज ट्रीटमेन्ट प्लान्ट ही लगाये गये हैं उनसे मात्र 39 काम कर रहे हैं शेष खराब स्थिति में हैं अथवा बन्द पड़े हुए हैं। 1109 औद्योगिक इकाइयां जो कि प्रदूषित कचरे या प्रदूषित जल का संवहन सीधे गंगा नदी में कर रही हैं उनमें से लगभग 538 औद्योगिक इकाइयां मानकों का पालन नहीं कर रही हैं। जिनमें चीनी मिल, टेनरी, पल्प एण्ड पेपर आदि उत्पादन करने वाली औद्योगिक इकाइयां शामिल हैं।
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से ही आरोप लगाती रही है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े-बड़े दावे करने वाली भारतीय जनता पार्टी आकण्ठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है जिसका जीता-जागता उदाहरण गंगा नदी की सफाई के नाम पर ‘नमामि गंगे परियोजना’ है जिसमें अभी तक हजारों करोड़ रूपये खर्च किये जा चुके हैं किन्तु गंगा जी एक इंच भी साफ नहीं हुई हैं। सच्चाई तो यह है कि भारतीय जनता पार्टी का हर दावा सिर्फ और सिर्फ जुमला साबित हो रहा है।
कांग्रेस की मांग
कांग्रेस प्रवक्ता तनुज पुनिया ने कहा है किपिछले 16 महीने में उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने दो बार ‘इन्वेस्टर्स समिट’ हुई जिसके आयोजन एवं प्रचार-प्रसार में सरकार ने गरीब जनता की गाढ़ी कमाई को अन्धाधुन्ध खर्च किया लेकिन कितना निवेश प्रदेश में आ रहा है उसकी कोई भी ठोस जानकारी आम जनता के बीच सार्वजनिक नहीं किया गया है।कांग्रेस पार्टी यह मांग करती है कि प्रदेश सरकार इन्वेस्टर्स समिट पर श्वेत पत्र जारी करे।