आरसएस को टक्कर देने के लिए कांग्रेस अब अपने सेवादल से युवाओं को जोड़ने के लिए तैयारी में जुटी है।
लखनऊ. आरसएस को टक्कर देने के लिए कांग्रेस अब अपने सेवादल से युवाओं को जोड़ने के लिए तैयारी में जुटी है। इसके लिए कांग्रेस जल्द ही सेवादल के युवा ब्रिगेड का गठन किया जाएगा। इसके लिए उच्चस्तर पर सहमति बन चुकी है। साथ ही सेवादल में अभी तक चली आ रही सैल्यूट परंपरा भी खत्म होगी। इस बात की जानकारी अखिल भारतीय कांग्रेस सेवादल के मुख्य संगठक लालजी देसाई ने दी। युवाओं के लिए ड्रेस कोड ब्लू-ब्लैक जींस और सफेद टी शर्ट होगी। वे सिर पर स्पोर्ट्स कैप भी लगाएंगे। यहां बता दें कि मुख्य सेवादल संगठन के लोग गांधी कैप पहनते हैं।
खत्म होगी सैल्यूट की परंपरा
अब सैल्यूट की जगह नई परंपरा क्या बनाई जाएगी इसको लेकर उन्होंने कहा कि आरएसएस की शाखाओं में वंदेमातरम और राष्ट्रगान गाया जाना चाहिए। इस मुद्दे को लेकर सेवादल के कार्यकर्ता आम लोगों के बीच भी जाएंगे। लालजी देसाई ने कहा कि देश-प्रदेश में भाजपा की सरकारें लोकतंत्र को खत्म करने का प्रयास कर रही हैं। इसके खिलाफ 9 अगस्त को भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर वाराणसी में बड़ा कार्यक्रम होगा। अन्य जिलों में भी इसी तरह के कार्यक्रम किए जाएंगे। 31 अक्टूबर को शहीद दिवस के अवसर पर सेवादल कम से कम एक हजार स्थानों पर रक्तदान शिविर का आयोजन करेगा। उन्होंने आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अपने कार्यक्रमों न तो राष्ट्र ध्वज फहराता है और न ही उसकी शाखाओं में राष्ट्रगान गाया जाता है।
राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस में बदलाव के संकेत दिख रहे हैं। अखिल भारतीय कांग्रेस सेवादल के मुख्य संगठक लालजी देसाई ने कहा कि इन बातों को लेकर कांग्रेस सेवादल के कार्यकर्ता गांव-गांव और मोहल्लों में जाएंगे, ताकि आम लोगों को आरएसएस की असलयित पता चल सके। सेवादल प्रत्येक महीने के अंतिम रविवार को जगह-जगह ध्वज वंदन कार्यक्रमों का आयोजन करेगी।
महिला आरक्षण का मुद्दा उठाया लेकिन खाली है पद
युवाओं को लुभाने के लिए तो कांग्रेस ने प्लानिंग कर ली है लेकिन महिलाओं के मुद्दों पर कोई विशेष रणनीति तैयार नहीं हुई है। एक तरफ कांग्रेस ने महिला आरक्षण का मुद्दा उठाया है लेकिन यूपी में महिला कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष न होने से पूरी विंग ठप है। यह पद पिछली अध्यक्ष प्रतिमा सिंह के जनवरी में इस्तीफे के बाद से खाली है। आरोप लग रहे हैं कि यूपी में कांग्रेस की कमजोर होती स्थिति को सुधारने के लिए संगठन को मजबूत करने की कोई नीति नहीं तैयार की जा रही है।पिछले सात महीनों में प्रदेश कांग्रेस महिलाओं के मसलों पर सरकार को घरने में फिसड्डी साबित हुई है। वजह है कि यहां पूरा संगठन ठप है। जिन मामलों की खबर दिल्ली तक पहुंच जाती है, वहां से एक टीम रस्मी दौरे के लिए भेज दी जाती है। हाल ही में बलिया निवासी एक छात्रा की लखनऊ में हत्या के मामले में भी पार्टी चुप रही। महिलाओं के लिए प्रदेश कांग्रेस की चिंता फिलहाल प्रेस कॉन्फ्रेंस तक ही सीमित है।