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मौत से पहले प्रतीक यादव की आखिरी रात, फोन पर थीं अपर्णा, फिर ज्योतिषी से बातचीत

सपा प्रमुख अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव का 38 वर्ष की उम्र में लखनऊ में निधन हो गया। मंगलवार रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी थी।

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लखनऊ

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Anuj Singh

May 14, 2026

Aparna Yadav Husband Prateek Yadav Death

Prateek Yadav Death: सपा प्रमुख अखिलेश यादव के 38 वर्षीय भाई प्रतीक यादव का बुधवार सुबह लखनऊ में निधन हो गया। उनकी अचानक हुई मौत से पूरा परिवार और समर्थक सदमे में हैं। पत्नी अपर्णा असम में थीं, इसलिए घर पर प्रतीक और उनकी दो छोटी बेटियां ही थीं।

पत्नी अपर्णा की परेशानी

अपर्णा यादव पति की सेहत को लेकर बहुत परेशान थीं। वे असम सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में गई हुई थीं। मंगलवार शाम करीब 5 बजे उन्होंने परिवार के एक ज्योतिषी को फोन किया और घर जाकर प्रतीक की हालत देखने को कहा। ज्योतिषी खुद नहीं जा सके, लेकिन उन्होंने घर के स्टाफ राकेश से बात की। राकेश ने बताया कि प्रतीक अपने कमरे में आराम कर रहे हैं। यह जानकारी अपर्णा तक पहुंचा दी गई।

रात 11:30 बजे तबीयत बिगड़ी

प्रतीक के जिम साथी सर्वेश पांडेय के अनुसार, मंगलवार रात करीब 11:30 बजे अचानक प्रतीक की तबीयत बिगड़ गई। ड्राइवर और स्टाफ की मदद से उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां करीब एक घंटे इलाज चला और फिर उन्हें घर वापस ले आए। हालांकि, अस्पताल के डॉक्टरों ने इस बात से इनकार किया है कि प्रतीक को वहां लाया गया था। रात करीब 1 बजे अपर्णा ने फिर फोन किया, लेकिन बात नहीं हो सकी। स्टाफ ने बताया कि प्रतीक सो चुके हैं।

सुबह घर में बेहोशी की हालत

बुधवार सुबह करीब साढ़े 5 बजे प्रतीक घर के किचन में बेहोश हालत में मिले। घर का नौकर तुरंत सिविल अस्पताल गया और इमरजेंसी डॉक्टर को लेकर आया। डॉक्टर ने जांच की तो शरीर में कोई प्रतिक्रिया नहीं थी। हार्ट भी काम नहीं कर रहा था। डॉक्टरों ने तुरंत उन्हें अस्पताल ले जाने की सलाह दी।

अस्पताल पहुंचने पर मौत

सुबह 5:55 बजे प्रतीक यादव को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. डीसी पांडेय ने बताया कि जब प्रतीक को लाया गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। उनके साथ कुछ रिश्तेदार भी मौजूद थे।

घर में कौन-कौन था?

उस रात घर के अंदर सिर्फ प्रतीक यादव, उनकी दोनों बेटियां प्रथमा और प्रतिक्षा तथा एक नौकर ही थे। बाहर सुरक्षा गार्ड तैनात थे। अपर्णा यादव असम में थीं और परिवार के अन्य सदस्य भी घर पर नहीं थे।