
आज सुबह 11 बजे पंचतत्व में विलीन होंगे प्रतीक यादव, अंतिम दर्शन के लिए उमड़ेगा जनसैलाब (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
Prateek Yadav Last Rites Baikunth Dham: समाजवादी पार्टी संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय Mulayam Singh Yadav के पुत्र तथा भाजपा नेता Aparna Yadav के पति प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार अब पिपराघाट की जगह बैकुंठ धाम (भैंसा कुंड) में किया जाएगा।
प्रतीक यादव के असामयिक निधन से पूरे प्रदेश में शोक की लहर है। लखनऊ समेत विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं। परिवार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, आज सुबह 11 बजे बैकुंठ धाम में पूरे विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
यादव परिवार ने अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रतीक यादव का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए परिवार के आवास पर रखा गया, जहां सुबह से ही समर्थकों, रिश्तेदारों, राजनीतिक नेताओं और शुभचिंतकों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
अब उन्हें अंतिम यात्रा के लिए बैकुंठ धाम ले जाया जाएगा, जहां हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार संपन्न होगा। सूत्रों के अनुसार, अंतिम संस्कार में राजनीति, प्रशासन, व्यापार और सामाजिक क्षेत्र की कई बड़ी हस्तियों के शामिल होने की संभावना है।
पहले चर्चा थी कि यादव परिवार की परंपरा के अनुसार प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार पिपराघाट श्मशान स्थल पर किया जाएगा। लेकिन बाद में परिवार की सहमति और व्यवस्थाओं को देखते हुए अंतिम संस्कार स्थल बदलकर बैकुंठ धाम कर दिया गया। लखनऊ का बैकुंठ धाम राजधानी के प्रमुख श्मशान स्थलों में गिना जाता है, जहां कई बड़ी हस्तियों का अंतिम संस्कार हो चुका है।
38 वर्षीय प्रतीक यादव के अचानक निधन ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद से ही लखनऊ में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई। समाजवादी पार्टी और भाजपा दोनों दलों के नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर भी लोग लगातार श्रद्धांजलि दे रहे हैं। कई लोगों ने लिखा कि इतनी कम उम्र में इस तरह का निधन बेहद दुखद और अविश्वसनीय है।
राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष और भाजपा नेता Aparna Yadav ने इस दुखद घड़ी में परिजनों, मित्रों और शुभचिंतकों से अंतिम विदाई में शामिल होने की अपील की है। सूत्रों के अनुसार, पति के निधन के बाद अपर्णा यादव बेहद भावुक नजर आईं। वह लगातार परिवार और करीबियों के साथ मौजूद हैं। भाजपा और समाजवादी पार्टी दोनों दलों के नेताओं ने उन्हें ढांढस बंधाया।
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष Akhilesh Yadav अपने छोटे भाई के निधन के बाद लगातार परिवार के साथ मौजूद हैं। भाई के निधन की सूचना मिलते ही वह अस्पताल पहुंचे थे और पोस्टमार्टम से लेकर अंतिम संस्कार की तैयारियों तक हर व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं। अखिलेश यादव ने कहा था कि प्रतीक जीवन में आगे बढ़ना चाहते थे और मेहनत से अपनी अलग पहचान बनाना चाहते थे।
प्रतीक यादव का पोस्टमार्टम लखनऊ के King George’s Medical University (KGMU) में मेडिकल बोर्ड की निगरानी में कराया गया। पूरी पोस्टमार्टम प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। सूत्रों के अनुसार, शुरुआती रिपोर्ट में कुछ मेडिकल बिंदु सामने आए हैं, लेकिन मौत की असली वजह विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पूरे मामले को संवेदनशील मानते हुए जांच जारी है।
प्रतीक यादव के आवास पर सुबह से ही लोगों का आना-जाना लगा हुआ है। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता, भाजपा नेता, व्यापारी, सामाजिक संगठनों के लोग और आम नागरिक अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। लखनऊ पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath भी अपर्णा यादव के आवास पहुंचे और प्रतीक यादव को अंतिम श्रद्धांजलि दी। उन्होंने परिवार से मुलाकात कर दुख व्यक्त किया और इस कठिन समय में धैर्य बनाए रखने की बात कही। मुख्यमंत्री के अलावा कई मंत्री, विधायक और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए बैकुंठ धाम और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस प्रशासन ने ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था भी की है ताकि अंतिम यात्रा के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो। फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें भी अलर्ट मोड पर रखी गई हैं।
आज सुबह 11 बजे जब प्रतीक यादव पंचतत्व में विलीन होंगे, तब वहां मौजूद हर आंख नम होगी। परिवार, रिश्तेदार, समर्थक और शुभचिंतक उन्हें अंतिम विदाई देंगे। लखनऊ में इस समय शोक और संवेदना का माहौल है। हर कोई यही कह रहा है कि इतनी कम उम्र में प्रतीक यादव का यूं चले जाना बेहद दुखद है। उनकी अंतिम यात्रा में भारी जनसैलाब उमड़ने की संभावना है और पूरा प्रदेश उन्हें नम आंखों से विदाई देने की तैयारी कर रहा है।
Published on:
14 May 2026 01:33 am
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