
संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद जांच तेज, घर पहुंची पुलिस और मजिस्ट्रेट टीम (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
Police Seal Prateek Yadav Room, Laptop-Mobile: समाजवादी पार्टी संस्थापक स्वर्गीय Mulayam Singh Yadav के छोटे बेटे, सपा प्रमुख Akhilesh Yadav के सौतेले भाई और भाजपा नेता Aparna Yadav के पति प्रतीक यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बुधवार को लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास पर पुलिस अधिकारियों और मजिस्ट्रेट की टीम पहुंची और करीब दस मिनट तक पूरे घटनास्थल की पड़ताल की।
जांच के दौरान पुलिस ने प्रतीक यादव का कमरा सील कर दिया। साथ ही उनका मोबाइल फोन, लैपटॉप, निजी डायरी और अन्य महत्वपूर्ण सामान कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस अब डिजिटल और व्यक्तिगत दस्तावेजों के जरिए मौत से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही है। 38 वर्षीय प्रतीक यादव बुधवार सुबह अपने घर में बेहोशी की हालत में मिले थे। उन्हें तुरंत श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार रात प्रतीक यादव घर में अकेले थे। उनकी पत्नी और भाजपा नेता Aparna Yadav उस समय असम दौरे पर थीं। सुबह जब घर के लोगों को उनकी स्थिति का पता चला तो तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई।
लखनऊ के DCP सेंट्रल विक्रांत वीर और मजिस्ट्रेट भी प्रतीक यादव के आवास पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने करीब दस मिनट तक कमरे और आसपास की स्थिति का निरीक्षण किया। सूत्रों के अनुसार, पुलिस को शुरुआती जांच में कई महत्वपूर्ण चीजें मिली हैं। इसी कारण एहतियातन प्रतीक का कमरा सील कर दिया गया है। पुलिस ने प्रतीक यादव का मोबाइल, लैपटॉप, डायरी और अन्य निजी सामान कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि मौत से पहले प्रतीक यादव किन परिस्थितियों में थे और उन्होंने आखिरी बार किससे संपर्क किया था।
प्रतीक यादव की मौत को लेकर संदेह और बढ़ गया है क्योंकि उनके शरीर पर चोट और नीले निशान मिलने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, उनके हाथ और सीने पर नीले निशान पाए गए हैं। डॉक्टरों ने शुरुआती तौर पर पॉइजनिंग यानी जहर की आशंका भी जताई है। जानकारों के अनुसार, शरीर पर चोट लगने के तुरंत बाद निशान लाल होता है, कुछ घंटों में नीला और बाद में काला पड़ने लगता है। इसी वजह से पुलिस और डॉक्टर दोनों इस मामले को बेहद गंभीरता से देख रहे हैं।
प्रतीक यादव का पोस्टमार्टम लखनऊ के King George’s Medical University (KGMU) में कराया गया। मेडिकल बोर्ड की निगरानी में चार डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई ताकि जांच में पारदर्शिता बनी रहे। पोस्टमार्टम से पहले प्रतीक के सीने का एक्सरे भी कराया गया। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।
प्रतीक यादव की मौत की खबर मिलने के बाद समाजवादी पार्टी के विधायक Ravidas Mehrotra भी उनके आवास पहुंचे। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह मामला बेहद संदिग्ध है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि अगर यह सामान्य मौत होती तो पोस्टमार्टम नहीं कराया जाता। डॉक्टरों ने भी कहा है कि मामला सामान्य नहीं लग रहा। इसलिए पूरे मामले की जज की निगरानी में जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रतीक यादव को अस्पताल लाने से पहले ही मौत हो चुकी थी, जो कई सवाल खड़े करता है।
प्रतीक यादव के करीबी दोस्तों ने भी गंभीर बीमारी की बात पर सवाल उठाए हैं। उनके जिम मित्र अंकित साहू ने कहा कि प्रतीक यादव बेहद फिट थे और नियमित जिम जाते थे। अंकित ने कहा कि जिस व्यक्ति को फेफड़ों की गंभीर बीमारी हो, वह जिम में 80 किलो से लेकर एक क्विंटल तक वजन नहीं उठा सकता। हमें बताया गया कि उनके शरीर पर चोट के निशान थे और शरीर नीला पड़ गया था। इस मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।” प्रतीक यादव के करीबी दोस्त सुमित ने भी कहा कि उन्हें किसी गंभीर बीमारी की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा,“हम लोग साथ में जिम जाते थे। वह फिटनेस को लेकर बेहद सजग थे। अचानक इस तरह की खबर पर विश्वास करना मुश्किल है।”
सूत्रों के मुताबिक, प्रतीक यादव इससे पहले भी स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के कारण अस्पताल में भर्ती हो चुके थे। बताया जा रहा है कि 30 अप्रैल को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वह करीब तीन दिन तक रहे। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि वह फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे थे। वहीं कुछ सूत्रों का कहना है कि उन्होंने मोटापा कम करने के लिए सर्जरी भी कराई थी।
अपर्णा यादव के मुंहबोले भाई मुकेश बहादुर सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रतीक यादव का कुछ समय पहले फैट रिमूवल ऑपरेशन हुआ था। उनके मुताबिक, इसी सर्जरी के दौरान पैरों में कई जगह खून जमा हो गया था, जिससे शरीर पर नीले निशान पड़ गए थे। उन्होंने कहा कि चोट के निशानों को लेकर गलतफहमियां नहीं फैलानी चाहिए। हालांकि पुलिस अभी हर पहलू की जांच कर रही है और किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।
प्रतीक यादव की मौत के बाद उनके पुराने सोशल मीडिया पोस्ट भी चर्चा में आ गए हैं। कुछ समय पहले उन्होंने इंस्टाग्राम पर पत्नी Aparna Yadav को लेकर कई भावुक और विवादित पोस्ट लिखे थे। एक पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया था कि “अपर्णा यादव ने मेरा परिवार बर्बाद कर दिया।” हालांकि बाद में उन्होंने वीडियो जारी कर कहा था कि पति-पत्नी के बीच सब सामान्य है और विवाद सुलझ चुका है। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या मानसिक तनाव या निजी कारणों का इस मामले से कोई संबंध था।
भाई के निधन की खबर मिलते ही सपा प्रमुख Akhilesh Yadav तुरंत अस्पताल और बाद में परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने मीडिया से कहा कि प्रतीक मेहनत करके आगे बढ़ना चाहते थे और जीवन में कुछ बड़ा करना चाहते थे। अखिलेश यादव ने कहा कि “यह हमारे परिवार के लिए बेहद दुखद समय है। परिवार और कानून जो उचित समझेगा, उसी दिशा में आगे बढ़ेंगे।”
Updated on:
13 May 2026 04:01 pm
Published on:
13 May 2026 02:20 pm
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