
मदरसों में अब अरबी और दूसरे विषयों के साथ भारत का संविधान भी पढ़ाया जाएगा। लखनऊ के दारुल उलूम फरंगी महल के मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने ये जानकारी दी है। मुंशी यानी 9वीं कक्षा में आने के साथ ही बच्चों के पाठ्यक्रम में संविधान को शामिल किया जाएगा।
संविधान को उर्दू, अंग्रेजी और हिंदी में पढ़ाया जाएगा
मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना खालिद ने बताया कि संविधान को सब्जेक्ट के तौर पर शामिल करने का फैसला उलेमा के साथ हुई मीटिंग में लिया गया है। उन्होंने कहा कि नए सेशन में दारुल उलूम फरंगी महल के छात्र संविधान की पढ़ाई भी करेंगे। इसका सिलेबस भी तय हो चुका है। इसके साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि संविधान को उर्दू, अंग्रेजी और हिंदी तीनों भाषाओं में पढ़ाया जाएगा।
अलग से नहीं होगी किसी टीचर की भर्ती
मदरसा शिक्षा परिषद के मुताबिक मदरसों में मुंशी यानी 9वीं, मौलवी यानी 10वीं, आलिम यानी 11वीं, कामिल यानी 12वीं और फाजिल यानी ग्रेजुएशन में पढ़ रहे छात्रों को ही भारतीय संविधान पढ़ाया जाएगा।
मदरसा शिक्षा परिषद का कहना है कि भारतीय संविधान पढ़ाने के लिए अलग से किसी टीचर की भर्ती नहीं होगी। जो टीचर मदरसे में हैं वही भारतीय संविधान सब्जेक्ट भी पढ़ाएंगे।