— कोरोना गाइडलाइन हमारा जीवन बचाने का एक टूल है। इस टूल का प्रयोग खुद करें और अपने संगी, साथियों से भी कराएं।
कोरोनावायरस धीरे धीरे फिर से कहर बन रहा है। सुरसा की तरह वह अपना मुंह बड़ा कर रहा है। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन के बारे में तो अभी तक कहा जाता था कि यह खतरनाक नहीं है। पर देश में ओमिक्रोन से उदयपुर में एक बुजुर्ग की जान चली गई है। फिलवक्त यूपी में 31 मरीज ओमिक्रोन के चपेट में हैं। पिछले 10 दिनों के आंकड़े को देखा जाए तो मरीज 15 गुना से अधिक तेजी से बढ़े हैं। सरकार भी अलर्ट हो गई है। रात्रिकालीन कर्फ्यू समेत अन्य पाबंदियों को सख्ती के साथ लागू कर दिया है। पर सरकारी सख्ती के अतिरिक्त आम जनता को कोरोना की गंभीरता के बारे में सोचना होगा। कोरोना की दूसरी लहर ने आम जनता का जितना नुकसान किया है वह आज भी सबक है। मुठ्ठी में रेत की तरह फिसले अपने लोगों की याद कर आज भी आंखों के पोरों भीग जाती हैं। तो यह जरूरी है कि जनता कोरोना गाइडलाइन का पालन करें नहीं तो जरा सी चूक एक नया सबक बन जाएगी।
सरकार ने तमाम चिकित्सीय संस्थानों को अलर्ट कर दिया है। वो सभी फिर से कोरोनावायरस का मुकाबला करने को खड़े हो गए हैं। हेल्थ केयर व फ्रंटलाइन वर्कर आपकी मदद हिम्मत से कर सकें इसके लिए प्रिकाशन डोज लगाई जा रही है। ओमिक्रोन की जांच के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग की सुविधा यूपी में इस वक्त पांच संस्थान में है। बढ़ती संख्या को देखकर सरकार अन्य जिलों और चिकित्सा संस्थानों में यह सुविधा उपलब्ध करा रही है। 15 से 18 साल के बच्चों का टीकाकरण किया जा रहा है। पर कुछ लोग अभी संशय में हैं बच्चों का टीकाकरण कराने से पीछे हट रहे हैं। यह तक सरकार घर में जाकर लोगों को बता रही है कि टीकाकरण करा लें। यह ठीक नहीं है। स्वयं आगे आना चाहिए।
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चुनाव करीब हैं। कभी भी चुनाव की रणभेरी बज सकती है। पर प्रचार में शामिल होने के लिए तमाम हिदायतों का पालन करें। वैसे तो राजनीतिक पार्टियां अब खुद ही कोविड के मामलों में वृद्धि को देखते हुए रैलियों को रद्द कर रही हैं। जैसे की वैज्ञानिकों और डाक्टरों का कहना है कि जनवरी से ओमिक्रॉन गति पकड़ेगा और फरवरी में अपने पीक पर आ जाएगा। इस अलर्ट को समझे और मास्क लगाए और दो गज की दूरी को बनाएं रखें। कोरोना गाइडलाइन हमारा जीवन बचाने का एक टूल है। इस टूल का प्रयोग खुद करें और अपने संगी, साथी और मिलने जुलने वालों को प्रेम से या फिर सख्ती से प्रयोग करने को कहें। क्योंकि जरा सी चूक है खतरनाक। (संकुश्री)