लखनऊ

10 हजार से अधिक छात्रों की परीक्षा पर संकट, कंटेनमेंट जोन में आने वाले ये छात्र नहीं दे पाएंगे एग्जाम

कोरोना काल (Covid-19) में परीक्षा आयोजित कराने को लेकर पहले ही छात्रों ने विरोध प्रकट किया है। छात्रों का कहना है कि ऐसे समय में जब संक्मण तेजी से फैल रहा है, तब परीक्षा कराना खतरे से खाली नहीं है।

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Sep 04, 2020
10 हजार से अधिक छात्रों की परीक्षा पर संकट, कंटेनमेंट जोन में आने वाले ये छात्र नहीं दे पाएंगे एग्जाम

प्रयागराज. कोरोना काल (Covid-19) में परीक्षा आयोजित कराने को लेकर पहले ही छात्रों ने विरोध प्रकट किया है। छात्रों का कहना है कि ऐसे समय में जब संक्मण तेजी से फैल रहा है, तब परीक्षा कराना खतरे से खाली नहीं है। हालांकि, अब परीक्षा में शामिल होने वाले हजारों छात्रों के ऊपर गहरा संकट खड़ा हो गया है। उनके परीक्षा से वंचित होने का खतरा भी मंडरा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार, कंटेनमेंट जोन में रहने वाले विद्यार्थी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। अगर ऐसा होता है तो इससे लाखों छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। प्रयागराज व आसपास के क्षेत्रों में करीब 10 हजार छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के स्नातक अंतिम वर्ष और परास्नातक अंतिम सेमेस्टर के विद्यार्थियों की ऑनलाइन परीक्षा होगी। वे घर से भी परीक्षा दे सकेंगे। ऐसे में उनके लिए तो राहत है लेकिन इसी महीने में राज्य विश्वविद्यालय की परीक्षाओं का भी कार्यक्रम भी घोषित हो चुका है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पीसीसएस-मेंस, आरओ-एआरओ, नीट समेत कई परीक्षाएं इसी महीने प्रस्तावित हैं। इसके विपरीत कोविड़-19 के बढ़ते संक्रमण के बीच जिले में ज्यादातर हिस्से कंटेनमेंट जोन में आ चुके हैं। इसका अनुमान इससे ही लगाया जा सकता है कि जिले में करीब 3178 गांव हैं। वहीं 80 वार्ड हैं। इसके विपरीत जिले में 2200 से अधिक कंटेनमेंट जोन हो चुके हैं। केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार इन क्षेत्रों के विद्यार्थी परीक्षा केंद्र पर नहीं जा सकेंगे। ऐसे में इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय को छोड़ दें तो अन्य संस्थाओं की परीक्षाओं में शामिल होने वाले कंटेनमेंट जोन के विद्यार्थियों का भविष्य अधर में है।

Published on:
04 Sept 2020 11:04 am
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