
लखनऊ. केंद्र सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों को बढ़ी हुई दर से महंगाई भत्ते और पेंशनरों को महंगाई राहत देने पर लगी रोक हटाने के बाद उत्तर प्रदेश के 28 लाख कर्मचारियों को बढ़ी हुई तनख्वाह के साथ डीएम मिलने की उम्मीद जगी है। पहली जुलाई से अपने कर्मचारियों को 28 फीसद की दर से डीए का भुगतान करने के केंद्र के निर्णय से राज्य सरकार के 16 लाख कर्मचारियों को भी अब 11 फीसद अधिक डीए के साथ तनख्वाह बढ़ने की उम्मीद है। वर्तमान में कर्मचारियों को 17 फीसदी की दर से भुगतान हो रहा है।
कर्मचारियों को राहत
राज्य सरकार ने केंद्र की तर्ज पर पहली जनवरी 2020 से 30 जून 2021 तक राज्य कर्मचारियों और शिक्षकों को बढ़ी दर से महंगाई भत्ता (डीए) और पेंशनरों को महंगाई राहत (डीआर) दिए जाने पर पिछले साल 24 अप्रैल को शासनादेश जारी कर रोक लगा दी थी। सरकार के इस फैसले के बाद राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों को एक जनवरी 2020, एक जुलाई 2020 और एक जनवरी 2021 को दिये जाने वाले डीए और महंगाई राहत की अतिरिक्त किस्तों का भुगतान नहीं किया गया था। अब बुधवार को केंद्र सरकार ने बढ़ी दर से डीए और डीआर पर लगी रोक हटाकर कर्मचारियों को राहत दी है।
पहली जुलाई से 28 फीसदी की दर से भुगतान
जुलाई से 28 फीसद की दर से डीए का भुगतान करने का फैसला किया है। डीए-डीआर के मामले में राज्य सरकार की केंद्र से समानता है। इसलिए राज्य सरकार केंद्र के निर्णय का अनुसरण करती रही है। इस आधार पर कर्मचारी संगठनों ने भी राज्य कर्मचारियों को जुलाई से 28 फीसद की दर से डीए भुगतान करने की मांग शुरू कर दी है।