यूपी में मतदाता सूची सुधार के तहत चल रही SIR प्रक्रिया में बड़ा बदलाव हो सकता है। दावा-आपत्ति और नोटिस की सुनवाई के लिए समय बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया है।
Time Limit for claims and objections in SIR will be Extended: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को लेकर बड़ी खबर आई है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में अब बदलाव हो रहा है। पहले 6 मार्च को अंतिम मतदाता सूची जारी होने वाली थी, लेकिन अब यह तारीख टल सकती है।
उत्तर प्रदेश में SIR के तहत मतदाता सूची का ड्राफ्ट पहले ही जारी हो चुका है। लोग अपने नाम चेक कर रहे हैं और अगर नाम गलत है या कटा हुआ है, तो दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। दावे और आपत्तियां दाखिल करने की आखिरी तारीख शुक्रवार (6 फरवरी) थी। लेकिन अब इस समय को बढ़ाने का फैसला लिया जा रहा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने बताया कि दावे-आपत्तियों और नोटिस पर सुनवाई का समय बढ़ाया जाएगा। इसके लिए चुनाव आयोग को प्रस्ताव भेज दिया गया है।
SIR में बहुत से मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें नाम, उम्र या अन्य जानकारी में गड़बड़ी होने पर सवाल उठाए गए हैं। पहले नोटिस पर सुनवाई 27 फरवरी तक पूरी होनी थी। लेकिन अब इसकी तारीख भी आगे बढ़ाई जाएगी। इससे पूरी प्रक्रिया में और समय लगेगा। इसका मतलब है कि 6 मार्च को फाइनल मतदाता सूची प्रकाशित नहीं होगी। नई तारीख चुनाव आयोग के फैसले के बाद ही तय होगी।
SIR में समय बढ़ने से लोगों में चिंता बढ़ गई है। यूपी में जल्द ही पंचायत चुनाव होने वाले हैं। सवाल उठ रहा है कि क्या SIR की प्रक्रिया लंबी खिंचने से पंचायत चुनाव समय पर होंगे या टल जाएंगे? अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन अगर मतदाता सूची का फाइनल वर्जन देर से आएगा, तो चुनाव की तैयारी पर असर पड़ सकता है। लोग चाहते हैं कि सूची शुद्ध और सही हो, लेकिन समय पर चुनाव भी हों।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा है कि अगर आपका नाम SIR ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं है या कोई गलती है, तो जल्द से जल्द BLO के पास जाकर फॉर्म भरें। समय बढ़ने से आपको और मौका मिलेगा, लेकिन इंतजार न करें।