मृतक आश्रितों ने सरकार और परिवहन विभाग को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं तो वे बड़े आंदोलन की राह पर जाएंगे।
कोरोना काल में हुई मौत के बाद मृतक आश्रित कोटे पर नौकरी देने के आश्वासन के बावजूद अभी तक नहीं मिली नौकरी। आज परिवहन विभाग के मृतक आश्रितों ने धरना दिया और मांग पूरी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम कार्यालय के बाहर आज मृतक आश्रितों ने धरना दिया। कोरोना काल में अपनी नौकरी करते हुए जिन कर्मचारियों की मृत्यु हुई, उनके परिवार को मृतक आश्रित कोटे के तहत नौकरी देने का आश्वासन दिया गया था। परंतु, अभी तक इस आश्वासन को पूरा नहीं किया गया है, जिसके कारण मृतक आश्रित परिवारों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
धरने पर बैठे मृतक आश्रितों ने सरकार से अपने वादों को पूरा करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार का भरण-पोषण करने वाला कोई नहीं है और सरकार की ओर से वादा किया गया था कि उन्हें नौकरी दी जाएगी। अब तक नौकरी न मिलने के कारण वे आर्थिक तंगी और भुखमरी का सामना कर रहे हैं।
मृतक आश्रितों ने सरकार और परिवहन विभाग को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं तो वे बड़े आंदोलन की राह पर जाएंगे। उन्होंने कहा कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को रखने आए हैं, लेकिन अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
प्रशासन ने धरना दे रहे मृतक आश्रितों की समस्याओं को ध्यान से सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि वे इस मामले को उच्च स्तर पर ले जाकर जल्द से जल्द समाधान निकालने का प्रयास करेंगे।
मृतक आश्रितों की मांगें और धरना यह स्पष्ट करता है कि सरकार द्वारा किए गए वादों को समय पर पूरा करना कितना महत्वपूर्ण है। यह घटना हमें याद दिलाती है कि जन सेवा और कर्मचारियों के अधिकारों का संरक्षण हर परिस्थिति में सुनिश्चित किया जाना चाहिए। मृतक आश्रितों को उनकी नौकरी देने की मांग को जल्द से जल्द पूरा करना ही इस समस्या का सही समाधान होगा।