
Delhi Varanasi Bullet Train: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुलेट ट्रेन के उत्तरी कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। इससे उत्तर प्रदेश को पहली बुलेट ट्रेन मिलने का रास्ता साफ हो गया है। इस परियोजना के तहत दिल्ली से वाराणसी (काशी) तक हाईस्पीड रेल सेवा शुरू होने का दावा किया जा रहा है। मौजूदा समय में कई घंटे लगने वाली यात्रा भविष्य में महज 3.5 घंटे में पूरी हो सकेगी।
प्रस्तावित उत्तरी कॉरिडोर दिल्ली, आगरा, कानपुर, लखनऊ और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ेगा। अनुमान के मुताबिक दिल्ली से वाराणसी की दूरी करीब 3 घंटे 33 मिनट में तय हो जाएगी। वहीं दिल्ली से आगरा का सफर मात्र 58 से 59 मिनट में पूरा होने का दावा है। दिल्ली से कानपुर पहुंचने में करीब 1 घंटा 50 मिनट और दिल्ली से लखनऊ तक 2 घंटे 12 मिनट लगने का अनुमान लगाया गया है। आगे इस नेटवर्क को बिहार के पटना से भी जोड़ने की योजना है, जिससे यूपी और बिहार के बीच रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
यह परियोजना पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को नई गति देगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, इस हाईस्पीड नेटवर्क से दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। हालांकि, ये समय अनुमानित हैं और अंतिम रूट तथा परियोजना के क्रियान्वयन पर निर्भर करेंगे।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुलेट ट्रेन को लेकर स्पष्ट किया कि कुछ लोग इसे केवल अमीरों की सुविधा बताकर भ्रम फैलाते हैं। सरकार की मंशा किसानों, मध्यम वर्ग और गरीब वर्ग तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाने की है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली-बनारस बुलेट ट्रेन का किराया हवाई जहाज के टिकट से कम रखने की योजना है, ताकि आम यात्री भी इसका लाभ उठा सकें।
बुलेट ट्रेन की खबर के साथ ही वाराणसी में गंगा नदी पर बनने वाले नमो ब्रिज की भी जानकारी सामने आई है। रेल मंत्री ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया और बताया कि करीब 2.5 किलोमीटर लंबे इस डबल डेकर हाइब्रिड ब्रिज पर लगभग 2,657 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसे 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है। ऊपरी हिस्से पर छह लेन का सड़क मार्ग और निचले हिस्से में चार रेल लाइनें होंगी। इससे काशी रेलवे स्टेशन की कनेक्टिविटी मजबूत होगी तथा काशी विश्वनाथ मंदिर और नमो घाट तक पहुंच आसान बनेगी। ब्रिज बनने के बाद 100 से अधिक अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन का रास्ता भी खुल सकता है।