
लखनऊ. Panchayat Chunav Result. उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण (Corona Virus) के भयंकर असर को देखते हुए प्राथमिक शिक्षक महासंघ ने राज्य निर्वाचन आयोग के खिलाफ मोर्चा खोला है।शिक्षक महासंघ ने मांग की है कि दो मई को होने वाले मतगणना को दो महीने तक टाल दिया जाए। शिक्षक महासंघ का आरोप है कि ट्रेनिंग से लेकर पोलिंग तक राज्य निर्वाचन आयोग ने कोरोना गाइडलाइन का कहीं भी पालन नहीं कराया, जिससे हालात भयावह हो गए हैं। चुनाव ड्यूटी में अब तक 706 शिक्षकों की कोविड संक्रमण से जान जा चुकी है। बड़ी संख्या में शिक्षक बीमारी से जूझ रहे हैं।ऐसे में दो मई को मतगणना कराना ठीक नहीं। उन्होंने कहा है कि अगर ऐसा नहीं होता है तो मतगणना ड्यूटी में लगे शिक्षक इसका बहिष्कार करेंगे। इससे पहले कोरोना संक्रमण के बीच पंचायत चुनाव कराए जाने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी फटकार लगाई थी और राज्य निर्वाचन आयोग से पंचायत चुनाव में ड्यूटी के दौरान कोरोना संक्रमण से मृत सरकारी कार्मिकों की संख्या का ब्योरा तलब किया था।
शिक्षकों और कर्मचारियों में डर
शिक्षक महासंघ और कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी, पेंशनर्स अधिकार मंच के अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने मतगणना को टालने का कारण बताया है। उन्होंने कहा कि मई को होने वाली मतगणना को शिक्षकों और कर्मचारियों में डर है। निर्वाचन आयोग ने शुरुआत से हम लोगों की नहीं सुनी और अब भी नहीं सुन रहा है। ऐसे में उनके साथ कोई और विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर मतगणना को टालने का आग्रह किया है। उन्होंने साफ किया है कि दो मई को होने वाली मतगणना में कोई भी शिक्षक और कर्मचारी हिस्सा नहीं लेगा।
जब जीवन नहीं तो नौकरी का क्या
पत्र में कहा गया, 'हम नौकरी जिंदा रहने के लिए ही तो करते हैं। जब जीवन ही नहीं बचेगा तो नौकरी का भी क्या करेंगे? प्रदेश के सभी प्राथमिक शिक्षक दो मई को मतगणना के खिलाफ हैं और अगर इसे रोका नहीं गया तो बहिष्कार के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचेगा।'