
ओपी राजभर का बड़ा बयान। फोटो सोर्स-IANS
OP Rajbhar On Students Protest: उत्तर प्रदेश के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता ओम प्रकाश राजभर ने छात्रों के मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष वास्तव में छात्रों की समस्याओं और उनकी मांगों को लेकर गंभीर है तो उसे उन राज्यों में भी जाना चाहिए, जहां छात्रों से जुड़े मुद्दे सामने आए हैं। राजभर ने झारखंड और पंजाब में सामने आए पेपर लीक के मामलों का जिक्र करते हुए विपक्षी नेताओं से वहां जाकर छात्रों के साथ खड़े होने की अपील की। उन्होंने कहा कि केवल प्रदर्शन स्थलों पर पहुंचने से छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा, बल्कि उनके मुद्दों को लेकर लगातार उनके साथ खड़ा रहना जरूरी है।
ओपी राजभर ने राहुल गांधी को लेकर कहा कि झारखंड में भारतीय जनता पार्टी की सरकार नहीं है, बल्कि कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा के गठबंधन की सरकार है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर विपक्ष छात्रों की मांगों को लेकर इतना गंभीर है तो उसे झारखंड जाकर वहां के विद्यार्थियों की समस्याओं को उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष को छात्रों के मुद्दों पर सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय उन जगहों पर जाना चाहिए, जहां वास्तव में छात्र अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
राजभर ने पंजाब में सामने आए पेपर लीक के मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने विपक्षी दलों से कहा कि अगर वे छात्रों के साथ खड़े होने का दावा करते हैं तो उन्हें पंजाब जाकर भी विद्यार्थियों की समस्याओं को उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों से जुड़े मामलों को किसी एक राज्य या एक सरकार तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। जहां भी विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े गंभीर सवाल सामने आएं, वहां विपक्ष को अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन को लेकर भी ओपी राजभर ने विपक्षी नेताओं पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान कई विपक्षी दलों के नेता छात्रों के समर्थन में वहां पहुंचे थे।
राजभर के मुताबिक, नेताओं के प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने के बाद कुछ उपद्रवी तत्व भी वहां आ गए, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई। उन्होंने कहा कि आम तौर पर छात्र पत्थरबाजी, वाहनों में तोड़फोड़ या पुलिस के साथ मारपीट जैसी गतिविधियों में शामिल नहीं होते, लेकिन प्रदर्शन के दौरान ऐसी घटनाएं देखने को मिलीं।
राजभर ने आरोप लगाया कि जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की तो वहां मौजूद कई राजनीतिक नेता प्रदर्शन स्थल से चले गए। उन्होंने सवाल किया कि अगर विपक्षी नेता वास्तव में छात्रों के साथ खड़े हैं तो उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में भी छात्रों के बीच मौजूद रहना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि छात्रों के समर्थन का दावा करने वाले नेताओं को आंदोलन के दौरान भी उनके साथ खड़ा रहना चाहिए, न कि केवल राजनीतिक समर्थन जताकर वहां से चले जाना चाहिए।
मंत्री ने कहा कि अगर विपक्ष को छात्रों की समस्याओं की इतनी ही चिंता है तो उसे झारखंड और पंजाब दोनों जगह जाकर वहां के विद्यार्थियों की मांगों और समस्याओं को उठाना चाहिए। राजभर ने आरोप लगाया कि विपक्ष का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं का समाधान कराने से ज्यादा एनडीए सरकार को राजनीतिक तौर पर घेरना और बदनाम करना है। हालांकि, यह राजभर का राजनीतिक आरोप है। सपा की पिछली सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए ओपी राजभर ने कहा,'' उस समय परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक की शिकायतें सामने आती थीं। कुछ जगहों पर पैसे के दम पर नकल कराई जाती थी और नौकरियों में भी अनियमितताओं के आरोप लगते थे।''
Updated on:
12 Aug 2026 07:06 pm
Published on:
12 Aug 2026 07:06 pm
