
लखनऊ. बलात्कार मामले में सीबीआई कोर्ट द्वारा अहम फैसले के बाद 20 साल की सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम (Gurmeet Ram Rahim) 14 लाश से जुड़े प्रकरण में फंस सकता हैं। इन 14 लाशों का मामला उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले से जुड़ा हुआ है। सिरसा डेरा से आठ महीने में लखनऊ के जीसीआरजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल कॉलेज (GCRG Institute of Medical Sciences College) 14 शव भेजे गए थे। इसका खुलासा होने के बाद यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि डेरा से एक ही मे़डिकल कॉलेज को इतने शव क्यों भेजे गए। अब यूपी से लेकर हरियाणा पुलिस व जांच एजेंसियां सभी बॉडी के मौत के कारण जानने व अन्य जांच में जुट गई हैं। फिलहाल इन सभी 14 शव की पहचान कर ली गई है।
लखनऊ स्थित जीसीआरजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल कॉलेज गुरमीत राम रहीम के लिए नई मुसिबत बनकर खड़ा हो गया है। इस मे़डिकल कॉलेज में सिरसा आश्रम द्वारा इसी साल जनवरी से अगस्त 2017 तक 14 शव भेजे गए। इस संबंध में मेडिकल कॉउंसिल ऑफ इंडिया ने (एमसीआई) प्रदेश के प्रमुख सचिव स्वास्थ्य और राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय के राजिस्ट्रार को पत्र लिखकर बिना अनुमति इतने शव एक ही जगह भेजने पर सवाल खड़े किए हैं। इसके बाद लखनऊ पुलिस भी हरकत में आ गई। पुलिस ने पूरे मामले की जांच की। फिलहाल सिरसा आश्रम से भेज गए सभी 14 शवों की लखनऊ पुलिस ने रिपोर्ट निकाल ली है। इनकी कब मृत्यु हुई और कब बॉडी मेडिकल कॉलेज को सौंपी गई। इसका रिकॉर्ड पुलिस ने हासिल कर लिया है। अब इनकी मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई और किसी दबाव में देहदान होने की आशंका पर यूपी और हरियाणा पुलिस जांच करने में जुटी हुई है।
एमबीबीएस में एनाटॉमी विषय में शरीर विज्ञान व उसकी संरचना के बारे में पढ़ाया जाता है, इसके लिए प्रयोगात्मक कक्षाओं में बॉडी की आवश्यकता होती है। एमसीआई ने जब जनवरी में जीसीआरजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया था, तब यहां महज एक बॉडी थी। वहीं अन्य जांच के बाद कई खामियों को देखते हुए कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी गई। इसके बाद प्रबंधन हाईकोर्ट चला गया। हाईकोर्ट के आदेश पर मान्यता देने वाली समिति ने एक बार फिर इंस्टीट्यूट की जांच की। इसमें चौकाने वाला तथ्य सामने आए कि महज आठ महीने में यहां बॉडी की संख्या एक से चौदह हो गई है। साथ ही यह सभी बॉडी डेरा सच्चा सौदा के सिरसा आश्रम के जरिये भेजी गई। इसको लेकर बड़ा संदेह पैदा हुआ है।
एक महीने में भेजी गई सात बॉडी
जीसीआरजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल कॉलेज को मार्च महीने में ही सात लोगों के शव भेजे गए। इसमें से चार महिलाओं की बॉडी थी। वहीं कुल चौदह बॉडी में से आठ बॉडी महिलाओं की शामिल हैं। लखनऊ पुलिस ने भी इस बात को माना है कि सभी बॉडी आश्रम से जुड़े लोगों द्वारा देहदान कराई गई है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
इंस्टीट्यूट से शव के संबंध में सभी दस्तावेज लिए गए हैं। अभी तक देहदान की बात सामने आ रही है। लेकिन इन सभी की मृत्यु के कारण और उनके परिवार से जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल जांच जारी है। (दीपक कुमार, एसएसपी लखनऊ)
14 बॉडी का ब्यौरा
मृतक का नाम देहदान मिलने की तारीख मृत्यु की तारीख
माया देवी 3 मार्च 2 मार्च
सुदेश रानी 8 मार्च 6 मार्च
ऊषा रानी 11 मार्च 10 मार्च
गुरजंत सिंह 15 मार्च 13 मार्च
संत सिंह 18 मार्च 17 मार्च
सोना देवी 21 मार्च 20 मार्च
पुरन राम 31 मार्च 30 मार्च
सिलमा सेवी 29 अप्रैल 28 अप्रैल
करनैल कौर 4 मई 3 मई
शीला 23 मई 21 मई
सुमेर सिंह 26 मई 25 मई
हरगोविंद 1 जून 31 मई
शांता देवी 6 जून 4 जून
रामदेवी 14 जून 12 जून