
UP Politics: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के राज्यसभा प्रत्याशी धर्मपाल सिंह ने SIR के विरोध में विपक्षी दलों के प्रदर्शन पर निशाना साधा। वहीं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी SIR का समर्थन करते हुए कांग्रेस पर सवाल उठाए।
भाजपा के राज्यसभा प्रत्याशी धर्मपाल सिंह ने SIR को लेकर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लोकतंत्र का सम्मान नहीं करता और अराजकता की स्थिति पैदा करने की कोशिश कर रहा है। विपक्ष गुंडागर्दी कर रहा है।
धर्मपाल सिंह ने कहा कि समय आने पर जनता इसका जवाब देगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि आने वाले चुनाव में विपक्षी दलों की जमानतें तक जब्त हो जाएंगी।
राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने पर धर्मपाल सिंह ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने उनके जैसे आम कार्यकर्ता को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी बड़ी है और वह पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। साथ ही भाजपा को मजबूत करने के लिए काम करने की बात कही।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी SIR को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि SIR देश में पहली बार नहीं हो रहा है और पहले भी कई बार यह प्रक्रिया अपनाई जा चुकी है।
धामी ने सवाल किया कि अगर पहले भी SIR हुआ है तो अब इस प्रक्रिया को लेकर आपत्ति क्यों जताई जा रही है। उन्होंने कहा कि इस बार भी मतदाता सूची को निर्धारित प्रक्रिया के तहत दुरुस्त किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची में एक से अधिक जगहों पर दर्ज मतदाताओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि अगर कोई व्यक्ति एक से ज्यादा स्थानों पर मतदाता के रूप में दर्ज है तो क्या इससे चुनाव प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी।
धामी ने कहा कि मतदाता सूची में केवल पात्र मतदाताओं के नाम होना जरूरी है। उन्होंने अवैध रूप से रह रहे लोगों को मतदान का अधिकार दिए जाने के सवाल पर भी विपक्ष से जवाब मांगा।
सीएम धामी ने कहा कि यदि मतदाता सूची को शुद्ध और व्यवस्थित किया जा रहा है तो इस प्रक्रिया पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को दुरुस्त करना है।
उन्होंने विपक्ष के विरोध पर तंज कसते हुए कहा कि अगर कोई इस प्रक्रिया का विरोध कर रहा है तो इसका मतलब है कि "दाल में कुछ काला है।"
SIR को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ रहा है। भाजपा इसे मतदाता सूची को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की प्रक्रिया बता रही है, जबकि विपक्ष इसके जरिए वास्तविक मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की आशंका जता रहा है। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी तेज है।