
Uttar Pradesh News:लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मंत्री धर्मपाल सिंह ने एसआईआर (SIR) को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इसलिए परेशान है, क्योंकि चुनावों में फर्जी वोट डलवाए जाते थे। धर्मपाल सिंह ने सवाल उठाया कि गलत वोट हटने से विपक्ष को परेशानी क्यों हो रही है। उन्होंने दावा किया कि साल 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा भारी बहुमत से सरकार बनाएगी। मंत्री ने चुनाव आयोग के कामकाज की तारीफ करते हुए कहा कि जब विपक्ष चुनाव हारता है, तो ईवीएम पर सवाल उठाने लगता है।
भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने एसआईआर (SIR) को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में इस मुद्दे पर विरोध के जरिए अराजकता फैलाने और जनता को परेशान करने की कोशिश की जा रही है। जगदंबिका पाल ने कहा कि चुनाव आयोग घर-घर जाकर सर्वे कर रहा है और जिन मतदाताओं की मौत हो चुकी है या जिनके नाम दो जगह दर्ज हैं, उन्हें मतदाता सूची से हटाया जा रहा है। उन्होंने राहुल गांधी पर झूठ फैलाने और विपक्ष पर इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप भी लगाया।
दिल्ली में CJP के विरोध प्रदर्शन से पहले लगाई गई सुरक्षा पाबंदियों को लेकर सियासत तेज है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने इसे लेकर BJP पर करारा हमला बोला है। उन्होंने सरकार की इस कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या करने का प्रयास बताया है। आराधना मिश्रा ने कहा कि यह पूरी तरह से डरी हुई भारतीय जनता पार्टी की तस्वीर है। हमारे देश का संविधान हर राजनीतिक दल, हर संगठन और प्रत्येक व्यक्ति को यह अधिकार देता है कि वह शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर सके और अपनी बात रख सके।
दिल्ली में हो रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर मंत्री संजय निषाद ने कहा कि बिना किसी सबूत या जांच के किसी का इस्तीफा मांगना गलत है। पहले मामले की जांच की मांग करनी चाहिए। जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और दोष साबित होने के बाद ही कोई कदम उठाया जाना चाहिए।
इंडिया गठबंधन के सांसदों के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने के सवाल पर संजय निषाद ने कहा कि राष्ट्रपति ने भी पुख्ता दस्तावेज मांगे हैं। उन्होंने कहा कि जांच होने और उसके नतीजे सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। लोकतंत्र में केवल किसी के मांग करने से फैसले नहीं होते, बल्कि इसके लिए एक तय प्रक्रिया होती है।