Indian Railways Special: आपको पता है कि रेलवे स्टेशन, सेंट्रल, जंक्शन और टर्मिनल एक नहीं होते हैं। भारतीय रेलवे ने सबको अलग नाम इस बड़ी वजह से दिया है।
देशभर की ट्रेनों में सफर करने के दौरान स्टेशन पर अलग अलग भाषाओं में एनाउंसमेंट में जरूर सुना होगा कि आपका इस जंक्शन, इस टर्मिनल या फिर इस सेंट्रल स्टेशन में स्वागत है। लेकिन क्या आपको पता है कि स्टेशन के नाम आगे सेंट्रल, जंक्शन या फिर टर्मिनल क्यों लगाया जाता है? भारत में कुल 8338 रेलवे स्टेशन है, जो पूरे देश में फैले हुए है। इनमे सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन पश्चिम बंगाल के कोलकाता में स्थित हावड़ा जंक्शन है। यह भारत सबसे पुराना और प्रसिद्ध स्टेशन है। इसमें 23 प्लेटफार्म और 26 रेलवे ट्रैक है।
देश में अधिकतर लोगों ट्रेन में सफर करते हैं क्योंकि इसमें सफर करना सुविधाजनक और आसान होता है। भारत के सभी 8 हजार से अधिक रेलवे स्टेशन हैं सभी को अलग-अलग भागों में बांटा गया है। आप जब भी ट्रेन से कही जाते है तो जरूर सुनने को मिलता है स्टेशन, टर्मिनल या सेंट्रल आपको बता दे की इन सब मे अंतर होता है। आज हम आपको इनसब मे अंतर बताने वाले है।
सेंट्रल रेलवे स्टेशन हम उस स्टेशन को कहते हैं जहां से आप कई रूट की ट्रेन ले सकते हैं। भारत में 5 सेंट्रल स्टेशन हैं। मुंबई सेंट्रल, चेन्नई सेंट्रल, त्रिवेंद्रम सेंट्रल, मैंगलोर सेंट्रल और कानपुर सेंट्रल हैं।
टर्मिनल कहें या टर्मिनस रेलवे स्टेशन कहें दोनों एक ही है। मुख्यरूप से टर्मिनल रेलवे स्टेशन हम उस स्टेशन को कहते हैं जहां से आगे ट्रेनें नहीं जाती हैं। वर्तमान में देश में 27 रेलवे टर्मिनल हैं. उदाहरण के तौर पर छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, लोकमान्य तिलक टर्मिनस, कोच्चि हार्बर टर्मिनस, बांद्रा टर्मिनस, भावनगर टर्मिनल, कोचीन हार्बर टर्मिनस आदि हैं।
जिस स्टेशन पर कम से कम तीन रेल लाइनें आकर मिलती हैं, उन्हें जंक्शन कहा जाता है. भारत में मथुरा जंक्शन से सर्वाधिक 7 रूट की ट्रेनें गुजरती हैं। हावड़ा जक्शन, गोरखपुर जंक्शन आदि हैं।
स्टेशन से एक रेलवे लाइन सीधे एक ही दिशा में होकर गुजरती है। देशभर में 8 हजार से अधिक स्टेशन है।