
Dinesh Pratap Singh Attacks Mamata Banerjee Constitution Statement: उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अखिलेश यादव की प्रस्तावित ‘पीडीए रथयात्रा’ को चुनावी चाल बताते हुए कहा कि साढ़े चार साल तक कुंभकर्ण की तरह सोए रहने के बाद अब उन्हें कुछ करने की याद आई है। वहीं ममता बनर्जी के संविधान संबंधी बयान पर भी सिंह ने पुरानी घटनाओं का हवाला देते हुए कटाक्ष किया।
राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव साढ़े चार साल तक कुंभकर्ण की तरह सोए रहे। अब उन्हें याद आया कि कुछ करना है। अब वे ‘पीडीए रथ’ निकालने की बात कर रहे हैं। हर चुनाव से पहले अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी कोई न कोई रथ निकालते हैं, लेकिन परिणाम क्या होता है? उत्तर प्रदेश की जनता बीच सड़क पर ही उस रथ को पंचर कर देती है। सिंह ने स्पष्ट किया कि जनता पहले ही अखिलेश के रथों का असली चेहरा देख चुकी है और इस बार भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
ममता बनर्जी के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी अपना खुद का कार्यकाल भूल गई हैं। उन्होंने याद दिलाया कि जब ममता बनर्जी मुख्यमंत्री थीं तो वे गृह मंत्री को अपने राज्य में उतरने की अनुमति नहीं देती थीं, केंद्रीय मंत्रियों को लैंडिंग परमिशन से इनकार करती थीं और किसी भी हिंदू धार्मिक कार्यक्रम या प्रवचन की अनुमति नहीं देती थीं। सिंह ने कहा, आज जब पूरी तरह संवैधानिक तरीके से उनके उम्मीदवार, नेता और विधायक एक-एक करके उनकी पार्टी छोड़ रहे हैं, तो उन्हें अचानक संविधान याद आ गया है।
इसके साथ ही राज्यमंत्री ने योगी आदित्यनाथ सरकार की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने अब तक साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र पूरी पारदर्शिता के साथ वितरित किए हैं। दिनेश प्रताप सिंह ने कहा, माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि अगले छह महीनों में हम और एक लाख नौकरियां प्रदान करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा सरकार रोजगार सृजन और पारदर्शी प्रक्रिया पर लगातार काम कर रही है, जबकि विपक्ष सिर्फ रथ निकालने और बयानबाजी तक सीमित है।
दिनेश प्रताप सिंह के इन बयानों से साफ है कि उत्तर प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी विपक्षी दलों के चुनावी अभियानों और बयानों को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए है। अखिलेश यादव की पीडीए रथयात्रा और ममता बनर्जी के संविधान संबंधी वक्तव्य दोनों पर सिंह ने पुरानी घटनाओं और वर्तमान हकीकत का हवाला देते हुए करारा जवाब दिया। वहीं योगी सरकार के रोजगार संबंधी आंकड़ों को सामने रखकर उन्होंने साबित करने की कोशिश की कि वास्तविक विकास और युवाओं के भविष्य की चिंता भाजपा सरकार कर रही है, न कि सिर्फ रथ यात्रा निकालने वाले नेता।
यह बयान उस समय आया है जब राज्य में विपक्षी दल अपनी रणनीति बना रहे हैं और सत्ताधारी दल उनके हर कदम पर नजर रखे हुए है। दिनेश प्रताप सिंह के तीखे शब्दों ने एक बार फिर सत्ता और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक घमासान को और तेज कर दिया है।