
वृंदावन स्थित नीब करौरी बाबा का समाधि स्थल, जहां विशेष टूर के अंतिम दिन पर्यटकों को दर्शन कराया जाएगा (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
Neem Karoli Baba: नीब करौरी बाबा की आध्यात्मिक विरासत से जुड़े उत्तर प्रदेश के प्रमुख स्थलों को अब एक साथ घूमने का मौका मिलेगा। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) ने बाबा से जुड़े प्रमुख स्थलों की यात्रा के लिए तीन दिवसीय विशेष टूर पैकेज शुरू किया है। ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान के तहत तैयार किए गए इस पैकेज में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बाबा की जन्मभूमि से लेकर उनकी समाधि तक की यात्रा कराई जाएगी। 25 से 27 सितंबर तक प्रस्तावित इस विशेष यात्रा पर करीब 50 प्रतिशत तक की छूट का लाभ भी दिया जा रहा है।
नीब करौरी बाबा की लोकप्रियता देश ही नहीं, विदेशों में भी उनके अनुयायियों के बीच व्यापक है। उनके अनुयायी उन्हें प्रेम और सेवा की भावना से जोड़कर देखते हैं। बाबा का उत्तर प्रदेश से गहरा संबंध रहा है और अब प्रदेश का पर्यटन विभाग उनके जीवन से जुड़े स्थलों को आध्यात्मिक पर्यटन के एक सर्किट के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। यूपीएसटीडीसी की वेबसाइट पर भी लखनऊ से शुरू होने वाले तीन दिवसीय बाबा नीब करौरी पैकेज में फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद, मथुरा और वृंदावन को प्रमुख पड़ाव के रूप में शामिल किया गया है।
इस विशेष पैकेज की सबसे खास बात यह है कि इसमें नीब करौरी बाबा के जीवन से जुड़े अलग-अलग पड़ावों को एक यात्रा में जोड़ा गया है। यात्रा लखनऊ से शुरू होकर फर्रुखाबाद पहुंचेगी, जहां नीब करौरी बाबा आश्रम का दर्शन कराया जाएगा। इसके बाद पर्यटकों को सांकेसा ले जाया जाएगा, जहां ऐतिहासिक और बौद्ध विरासत से जुड़े स्थलों का भ्रमण भी कार्यक्रम का हिस्सा होगा। यूपीएसटीडीसी के आधिकारिक यात्रा कार्यक्रम के मुताबिक फर्रुखाबाद के बाद सांकेसा में अशोक स्तंभ, बौद्ध स्तूप, प्राचीन अवशेष और बौद्ध मठों को देखने का अवसर मिलेगा। इस तरह यात्रा को केवल धार्मिक या आध्यात्मिक पर्यटन तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसमें उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को भी जोड़ा गया है।
यात्रा का अगला महत्वपूर्ण पड़ाव फिरोजाबाद जिले का अकबरपुर गांव होगा। यूपीएसटीडीसी अकबरपुर को नीब करौरी बाबा की जन्मस्थली के रूप में अपने पर्यटन पैकेज में शामिल कर रहा है। निगम की वेबसाइट पर अकबरपुर गांव को बाबा की जन्मभूमि बताते हुए वहां उनके अनुयायियों के लिए मंदिर और नियमित आरती का उल्लेख किया गया है। पर्यटकों के लिए यह पड़ाव इसलिए खास होगा, क्योंकि बाबा की लोकप्रियता से परिचित अधिकांश लोगों को उनके जीवन के उत्तर प्रदेश से जुड़े शुरुआती अध्याय के बारे में सीमित जानकारी है। पर्यटन विभाग इसी कड़ी को सामने लाकर बाबा की जन्मभूमि को व्यापक आध्यात्मिक पर्यटन मानचित्र से जोड़ने की कोशिश कर रहा है।
अकबरपुर की यात्रा के बाद टूर मथुरा और वृंदावन की ओर बढ़ेगा। मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि और द्वारकाधीश मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे। इसके बाद पर्यटक वृंदावन पहुंचेंगे, जहां शाम के समय प्रेम मंदिर का भ्रमण कार्यक्रम में शामिल है। वृंदावन को इस पूरे सर्किट का महत्वपूर्ण पड़ाव माना गया है, क्योंकि यहीं नीब करौरी बाबा की समाधि स्थित है। यूपीएसटीडीसी के आधिकारिक विवरण के मुताबिक बाबा की मुख्य समाधि वृंदावन स्थित उनके आश्रम में है। इस प्रकार यात्रा का अंतिम चरण बाबा की आध्यात्मिक विरासत से सीधे जुड़ता है।
तीन दिवसीय यात्रा के अंतिम दिन पर्यटकों को नीब करौरी बाबा के समाधि स्थल ले जाया जाएगा। इसके साथ बांके बिहारी मंदिर और इस्कॉन मंदिर के दर्शन भी कराए जाएंगे। इसके बाद यात्रा लखनऊ के लिए रवाना होगी। यूपीएसटीडीसी के आधिकारिक कार्यक्रम में तीसरे दिन सुबह बाबा के समाधि स्थल के साथ बांके बिहारी मंदिर और इस्कॉन मंदिर के दर्शन का कार्यक्रम रखा गया है। दोपहर के बाद लखनऊ वापसी की यात्रा शुरू होगी।
विश्व पर्यटन दिवस के लिए तैयार किए गए विशेष पैकेज की कीमत 8,500 रुपये बताई गई है, जबकि सामान्य कीमत 16,500 रुपये निर्धारित होने की जानकारी दी गई है। यानी विशेष अवसर पर पर्यटकों को करीब 50 प्रतिशत तक की छूट उपलब्ध होगी। यह ऑफर 25 से 27 सितंबर के विशेष टूर के लिए रखा गया है।
पैकेज में डबल शेयरिंग के आधार पर वातानुकूलित आवास, होटल में नाश्ता, दोपहर और रात का भोजन, हाई-टी, टूर गाइड और निर्धारित प्रवेश शुल्क शामिल किए गए हैं। इसका उद्देश्य यात्रियों को अलग-अलग स्थानों की यात्रा और वहां की व्यवस्थाओं के लिए अलग से परेशान न होना पड़े। हालांकि यूपीएसटीडीसी की वेबसाइट पर अलग-अलग नीब करौरी बाबा पैकेज और उनके अलग मूल्य भी सूचीबद्ध हैं, इसलिए विशेष विश्व पर्यटन दिवस पैकेज की बुकिंग से पहले यात्रियों को निगम से ताजा कीमत और उपलब्धता की पुष्टि करने की सलाह दी जा सकती है।
नीब करौरी बाबा के अनुयायियों में उन्हें हनुमान जी के प्रति गहरी भक्ति और सेवा भावना से जोड़कर देखा जाता है। यूपीएसटीडीसी की वेबसाइट भी बाबा को हनुमान भक्ति से जुड़े आध्यात्मिक गुरु के रूप में प्रस्तुत करती है। उनके आश्रमों और उनसे जुड़े स्थलों पर बड़ी संख्या में अनुयायी पहुंचते हैं। समय के साथ बाबा की शिक्षाओं और उनके जीवन से जुड़ी कथाओं की चर्चा भारत के बाहर भी हुई। यही वजह है कि उनके जीवन से जुड़े स्थानों को पर्यटन सर्किट में शामिल करने की योजना को केवल स्थानीय धार्मिक पर्यटन के बजाय व्यापक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के नजरिये से भी देखा जा रहा है।
पर्यटन विभाग का फोकस अब बाबा से जुड़े उत्तर प्रदेश के उन स्थलों को सामने लाने पर है, जिनकी जानकारी आम पर्यटकों के बीच अपेक्षाकृत कम है। फर्रुखाबाद का आश्रम, फिरोजाबाद का अकबरपुर और वृंदावन का समाधि स्थल इस सर्किट की मुख्य कड़ियां हैं। यूपीएसटीडीसी की ओर से पहले भी नीब करौरी बाबा से जुड़े अलग-अलग टूर पैकेज तैयार किए गए हैं। निगम की वेबसाइट पर तीन और पांच दिन की यात्राओं के अलावा अन्य बाबा नीब करौरी पैकेज भी सूचीबद्ध हैं। पांच दिवसीय पैकेज में फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद, बटेश्वर, रापड़ी, आगरा, मथुरा और वृंदावन जैसे पड़ाव जोड़े गए हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार लगातार धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों को पर्यटन से जोड़ने पर जोर दे रही है। अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन और अन्य धार्मिक केंद्रों के साथ अब संतों और आध्यात्मिक गुरुओं से जुड़े स्थलों को भी पर्यटन सर्किट का हिस्सा बनाया जा रहा है। नीब करौरी बाबा सर्किट इसी दिशा में एक प्रयास है। इससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने के साथ होटल, परिवहन, गाइड, भोजन और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों को भी रोजगार के अवसर मिलने की संभावना है। साथ ही जिन ग्रामीण और छोटे कस्बाई क्षेत्रों से यह सर्किट होकर गुजरेगा, वहां स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है।
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर शुरू किया गया यह विशेष पैकेज उन यात्रियों के लिए खास आकर्षण बन सकता है, जो नीब करौरी बाबा के जीवन और आध्यात्मिक विरासत से जुड़े स्थलों को एक साथ देखना चाहते हैं। तीन दिनों में यात्रा को इस तरह रखा गया है कि ऐतिहासिक, धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों का संयोजन देखने को मिले। लखनऊ से शुरू होकर फर्रुखाबाद, सांकेसा, अकबरपुर, मथुरा और वृंदावन तक पहुंचने वाली यह यात्रा बाबा के जीवन से जुड़े अलग-अलग अध्यायों को एक साथ जोड़ती है। जन्मभूमि अकबरपुर से लेकर समाधि स्थल वृंदावन तक का यह सफर श्रद्धालुओं को बाबा के उत्तर प्रदेश कनेक्शन को करीब से समझने का अवसर देगा।
विशेष पैकेज में रुचि रखने वाले यात्री यूपीएसटीडीसी से संपर्क कर बुकिंग और उपलब्धता की जानकारी ले सकते हैं। निगम की ओर से दिए गए संपर्क नंबर 91490 99890 और 83030 19844 पर जानकारी ली जा सकती है। इसके अलावा यूपीएसटीडीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर टूर पैकेज उपलब्ध हैं।
विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की यह पहल नीब करौरी बाबा से जुड़े स्थलों को नए पर्यटक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। खासकर बाबा के अनुयायियों के लिए यह यात्रा जन्मभूमि, कर्मभूमि से जुड़े आश्रमों और समाधि स्थल को एक ही सफर में जोड़ने का अवसर देगी। पर्यटन विभाग की कोशिश है कि उत्तर प्रदेश से बाबा के गहरे संबंध और उनकी आध्यात्मिक विरासत को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाया जाए।
Updated on:
18 Sept 2026 02:36 pm
Published on:
18 Sept 2026 02:36 pm
