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गोरखपुर पहुंचे विनोद तावड़े, बोले- लखनऊ छोड़ो, बूथ पर जाओ, चुनाव से पहले बीजेपी ने शुरू की बड़ी तैयारी, जानिए क्या है प्लान

Vinod Tawde: यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बीजेपी ने अपनी जमीनी तैयारियां तेज कर दी हैं। यूपी प्रभारी विनोद तावड़े गोरखपुर पहुंचकर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से तैयारियों का जायजा लेंगे।
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लखनऊ

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Ankit Sai

Sep 18, 2026

Vinod Tawde

बीजेपी के नए यूपी प्रभारी विनोद तावड़े (फोटो एएनआई)

Vinod Tawde: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने अपनी जमीनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी के यूपी प्रभारी विनोद तावड़े और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष लगातार जिलों का दौरा कर संगठन की स्थिति का जायजा ले रहे हैं। पूर्वी यूपी के गोरखपुर, अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी पर खास फोकस है। बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की बेरुखी दूर करने के साथ हारी और कमजोर सीटों पर पकड़ मजबूत करने की तैयारी है। पार्टी युवाओं और महिलाओं को जोड़ने के साथ डोर-टू-डोर और डिजिटल अभियान पर भी जोर दे रही है।

लखनऊ छोड़ो, बूथ पर जाओ का संदेश

विनोद तावड़े को 18 अगस्त को बीजेपी का यूपी प्रभारी बनाया गया था। इसके बाद वह 5 सितंबर को दो दिनों के लिए लखनऊ पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने अपने स्वागत में लगाए गए बैनर और पोस्टर हटवाए थे। इसके बाद उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा था कि वे लखनऊ छोड़कर अपने-अपने क्षेत्र में जाएं और बूथ को मजबूत करें।

अब तावड़े शुक्रवार को एक बार फिर गोरखपुर पहुंच रहे हैं। इस दौरे में वह पहले दिए गए दिशा-निर्देशों पर हुए काम का आकलन करेंगे। पार्टी का फोकस उन सीटों पर भी है, जहां 2022 के चुनाव में बीजेपी को हार मिली थी या पार्टी बहुत कम अंतर से जीत सकी थी।

बूथ कमेटियों को एक्टिव करने पर जोर

पार्टी की बैठकों में बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की बेरुखी भी चिंता का मुद्दा बनकर सामने आई है। कई जिलों में हुई बैठकों में बूथ कमेटी अध्यक्षों की गैरमौजूदगी की बात सामने आई। इसके बाद विधायकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे खुद बूथ कमेटियों के साथ बैठक करें और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करें। बीजेपी राज्य इकाई के उपाध्यक्ष ने कहा कि कार्यकर्ताओं की बेरुखी एक बड़ा मुद्दा है। विधायकों से कहा गया है कि वे बूथ कमेटियों के साथ बैठकर इस मुद्दे को सुलझाएं ताकि चुनावों से पहले सभी को एक्टिव किया जा सके।

संगठन और सरकार में तालमेल पर नजर

बीएल संतोष और विनोद तावड़े की बैठकों का एक अहम मकसद सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाना भी है। कानपुर की समीक्षा बैठक में जब एक नेता ने पुलिस-प्रशासन द्वारा बात न सुने जाने का मुद्दा उठाया, तो बीएल संतोष ने कहा कि थाने-कचहरी के चक्कर काटने के बजाय नेताओं को अपना पूरा ध्यान संगठन को मजबूत करने पर लगाना चाहिए।

पार्टी ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को साथ लिया है। इसके अलावा अपना दल (एस) और निषाद पार्टी के जरिए ओबीसी वोटरों तक पहुंच बनाने की कोशिश भी जारी है। इसके बावजूद बीजेपी नेतृत्व संगठन के स्तर पर कोई ढिलाई नहीं चाहता।

युवा, महिला और नए वोटरों पर फोकस

साल 2027 के लिए पार्टी की रणनीति में युवाओं और महिलाओं पर खास ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही डिजिटल माध्यम से लोगों तक पहुंच बढ़ाने की तैयारी है। वॉट्सऐप के जरिए सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी वोटरों तक पहुंचाने पर जोर है। पार्टी पिछली सपा सरकार की कमियों को लोगों तक पहुंचाने और विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की भी रणनीति पर काम कर रही है। इसके अलावा डोर-टू-डोर अभियान को भी अहम माना जा रहा है। बीएल संतोष ने कहा कि चुनाव में चार महीने से थोड़ा ज्यादा का समय बचा है। हमें वोटरों से सीधे जुड़ने के लिए घर-घर जाना होगा।