
समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण ने सफल अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दीं (फोटो सोर्स :file photo, Ritesh Singh )
UPPSC Mains: आर्थिक संसाधनों की कमी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे प्रतिभाशाली युवाओं के सामने बड़ी चुनौती बन जाती है। महंगी कोचिंग, अध्ययन सामग्री और रहने-खाने का खर्च कई युवाओं के लिए तैयारी की राह कठिन कर देता है। ऐसे में समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित निःशुल्क प्रशिक्षण व्यवस्था प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए महत्वपूर्ण सहारा बनकर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की वर्ष 2025 की मुख्य परीक्षा में विभागीय कोचिंग केंद्रों से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 74 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है। अब ये सभी अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया के अगले चरण यानी साक्षात्कार में शामिल होंगे।
यूपीपीएससी-2025 की मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों में समाज कल्याण विभाग के तीन प्रमुख कोचिंग केंद्रों के छात्र शामिल हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार भागीदारी भवन स्थित कोचिंग से प्रशिक्षण लेने वाले 35 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में सफल हुए हैं। वहीं लखनऊ के अलीगंज स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र के 18 और हापुड़ स्थित राजकीय आईएएस/पीसीएस कोचिंग केंद्र के 21 अभ्यर्थियों ने भी मुख्य परीक्षा में सफलता हासिल की है। इन तीनों केंद्रों से कुल 74 अभ्यर्थियों का मुख्य परीक्षा में सफल होना विभाग की निःशुल्क कोचिंग व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। खास बात यह है कि इन केंद्रों पर सिर्फ प्रतियोगी परीक्षा की पढ़ाई ही नहीं कराई जाती, बल्कि अभ्यर्थियों को परीक्षा की बदलती जरूरतों के अनुसार मार्गदर्शन, अभ्यास और अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराई जाती है।
समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित योजना का उद्देश्य ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर उपलब्ध कराना है, जिनके सामने आर्थिक सीमाएं हैं। पात्र अभ्यर्थियों को आवासीय सुविधा के साथ अध्ययन का ऐसा वातावरण उपलब्ध कराया जाता है, जिससे उन्हें अलग से महंगी कोचिंग या रहने की व्यवस्था पर खर्च न करना पड़े। योजना के तहत अधिकतम छह लाख रुपये तक की वार्षिक आय सीमा वाले पात्र छात्रों को आवासीय कोचिंग की सुविधा दी जाती है। यहां अभ्यर्थियों को पढ़ाई के साथ रहने और दैनिक जरूरतों से जुड़ी कई सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। इसका उद्देश्य यह है कि आर्थिक परेशानियों के कारण किसी मेधावी छात्र की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी प्रभावित न हो।
इन आवासीय कोचिंग केंद्रों में अभ्यर्थियों को पढ़ाई के लिए जरूरी आधारभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। मेस, पुस्तकालय और इंटरनेट की सुविधा के साथ टेस्ट सीरीज और अध्ययन सामग्री मुहैया कराई जाती है। इससे अभ्यर्थियों को एक ही परिसर में पढ़ाई से जुड़ी अधिकांश आवश्यकताएं पूरी करने का अवसर मिलता है। इसके अलावा नोट्स, मनोरंजन, खेलकूद और जिम जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की लंबी तैयारी के दौरान मानसिक और शारीरिक संतुलन बनाए रखना भी जरूरी होता है। ऐसे में इन सुविधाओं को अभ्यर्थियों के समग्र विकास से जोड़कर देखा जा रहा है।
यूपीपीएससी की मुख्य परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले 74 अभ्यर्थियों के लिए अब अगला पड़ाव साक्षात्कार है। मुख्य परीक्षा के बाद चयन प्रक्रिया के इस चरण की तैयारी भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसे देखते हुए समाज कल्याण विभाग की ओर से सफल अभ्यर्थियों के लिए मॉक इंटरव्यू की सुविधा संचालित की जाती है। मॉक इंटरव्यू के माध्यम से अभ्यर्थियों को वास्तविक साक्षात्कार जैसी परिस्थितियों में अभ्यास कराया जाता है। उनसे संभावित प्रश्न पूछे जाते हैं और उनके जवाब देने के तरीके, विषय की समझ, आत्मविश्वास तथा प्रस्तुति को बेहतर बनाने के लिए मार्गदर्शन दिया जाता है। इससे अभ्यर्थियों को अपनी कमियों को पहचानने और अंतिम चरण के लिए तैयारी मजबूत करने का अवसर मिलता है।
समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने यूपीपीएससी-2025 की मुख्य परीक्षा में सफल सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिभावान युवाओं को उनकी आर्थिक परिस्थितियों की परवाह किए बिना गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। मंत्री के मुताबिक विभागीय कोचिंग केंद्रों से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 74 अभ्यर्थियों की मुख्य परीक्षा में सफलता इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने सफल अभ्यर्थियों से आगामी साक्षात्कार के लिए पूरी तैयारी के साथ जुटने और अपनी सफलता की यात्रा को आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई।
समाज कल्याण विभाग की ओर से प्रदेश में आठ आवासीय कोचिंग केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले पात्र अभ्यर्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। खासतौर पर सिविल सेवा और राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए यह व्यवस्था उपयोगी है। आवासीय व्यवस्था होने से अभ्यर्थियों को पढ़ाई के लिए लगातार एकाग्र माहौल मिलता है। कोचिंग, पुस्तकालय, टेस्ट सीरीज और अन्य सुविधाएं एक ही स्थान पर मिलने से तैयारी की प्रक्रिया व्यवस्थित हो जाती है। आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों के लिए यह व्यवस्था महंगी निजी कोचिंग के विकल्प के तौर पर महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध कराती है।
भागीदारी भवन स्थित कोचिंग के 35 अभ्यर्थियों का मुख्य परीक्षा में सफल होना इस बार खास उपलब्धि के रूप में सामने आया है। एक ही केंद्र से इतनी संख्या में अभ्यर्थियों के मुख्य परीक्षा में पहुंचने के बाद अब उनकी नजर अंतिम चयन प्रक्रिया पर है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार यहां अभ्यर्थियों को नियमित अध्ययन, परीक्षा पैटर्न की समझ, अभ्यास और टेस्ट के माध्यम से तैयारी कराई जाती है। मुख्य परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले अभ्यर्थियों के लिए अब इंटरव्यू की तैयारी पर विशेष जोर दिया जाएगा।
अलीगंज और हापुड़ केंद्र ने भी दिखाया दम
अलीगंज स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र से 18 और हापुड़ स्थित राजकीय आईएएस/पीसीएस कोचिंग केंद्र से 21 अभ्यर्थियों का मुख्य परीक्षा में सफल होना भी महत्वपूर्ण है। दोनों केंद्रों के सफल अभ्यर्थी अब साक्षात्कार के लिए अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने में जुटेंगे। विभागीय स्तर पर इन अभ्यर्थियों को मॉक इंटरव्यू और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इससे उन्हें साक्षात्कार बोर्ड के सामने अपने विचार स्पष्ट और आत्मविश्वास के साथ रखने का अभ्यास मिल सकेगा।
प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए मेहनत के साथ गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और संसाधनों की भी आवश्यकता होती है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले युवाओं के लिए यही संसाधन सबसे बड़ी चुनौती बन सकते हैं। समाज कल्याण विभाग की आवासीय निःशुल्क कोचिंग व्यवस्था इसी अंतर को कम करने का प्रयास करती है। यूपीपीएससी-2025 की मुख्य परीक्षा में 74 अभ्यर्थियों की सफलता ने इस व्यवस्था को लेकर एक सकारात्मक उदाहरण जरूर सामने रखा है। अब इन अभ्यर्थियों की नजर साक्षात्कार पर है। विभाग की ओर से मॉक इंटरव्यू और अन्य तैयारियों के जरिए उन्हें अंतिम चरण के लिए तैयार किया जाएगा।
मुख्य परीक्षा में सफलता हासिल करना चयन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है, लेकिन अभ्यर्थियों के सामने अभी साक्षात्कार की चुनौती बाकी है। 74 सफल अभ्यर्थियों के लिए आने वाला समय अपनी तैयारी को और धार देने का होगा। विभागीय स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही मॉक इंटरव्यू जैसी सुविधाएं उन्हें इस चरण के लिए अभ्यास का अवसर देंगी। समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह के अनुसार भागीदारी भवन, अलीगंज और हापुड़ के केंद्रों से सफल हुए अभ्यर्थियों की संख्या विभागीय प्रशिक्षण व्यवस्था के प्रभावी परिणामों को दर्शाती है। अब प्रयास यही रहेगा कि मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थी साक्षात्कार के लिए भी पूरी तरह तैयार होकर आगे बढ़ें।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में आर्थिक स्थिति बाधा न बने, इस उद्देश्य से संचालित निःशुल्क आवासीय कोचिंग व्यवस्था प्रदेश के युवाओं के लिए अवसर का एक माध्यम बन रही है। यूपीपीएससी-2025 की मुख्य परीक्षा में 74 अभ्यर्थियों की सफलता के बाद अब इन युवाओं की नजर अंतिम चयन पर टिकी है। मुख्य परीक्षा से लेकर इंटरव्यू तक की तैयारी में विभाग की ओर से मिलने वाला मार्गदर्शन इन अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण होगा। अब देखना यह होगा कि मुख्य परीक्षा में सफलता का यह सिलसिला साक्षात्कार के बाद अंतिम चयन तक किस तरह आगे बढ़ता है। फिलहाल 74 सफल अभ्यर्थी अपने अगले पड़ाव की तैयारी में जुट गए हैं और विभाग भी उन्हें हर संभव शैक्षणिक सहयोग देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
Updated on:
18 Sept 2026 04:14 pm
Published on:
18 Sept 2026 03:30 pm
