यूपी की राजनीति में इस पार्टी ने मचा दी हलचल 

बड़ी धमक : पहले ही चुनाव में उम्मीद से अधिक जीती सीटें 

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Dec 10, 2016
UP Politics
संतोष कुमार पाण्डेय, लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव 2012 मेें एक ऐसी पार्टी ने राजनीतिक हलचल मचा दी थी जो कभी वजूद में थी नहीं। पहले चुनाव में पार्टी के चार प्रत्याशी भी जीते और लगभग ढाई प्रतिशत मत भी मिले। हालांकि इस पार्टी की धमक ज्यादा समय तक यूपी की राजनीति में टिक नहीं पाई।
8 साल पहले पड़ी नींव
वर्ष 2008 के फरवरी महीने में पीस पार्टी की नींव पड़ी। डाॅ. मो. अयूब पार्टी के संस्थापक है।
208 सीटों पर उतारे प्रत्याशी
उत्तर प्रदेश में विधानसभा की 403 सीटों पर चुनाव होता है। पीस पार्टी ने 208 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे। जिनमें से चार प्रत्याशी ने विजय हासिल की। पार्टी को उम्मीद से अधिक सफलता मिली।
ये हुए थे विजयी
अनीसुर्रहमानः मुरादाबाद के रहने वाले हैं। इन्होंने कांथ विधानसभा सीट पर विजय प्राप्त की।
डा. मो. अयूब: संतकबीर नगर जिले की खलीलाबाद विधानसभा सीट से इन्हे विजय मिली।
कमल युसुफ: यूपी के सिद्वार्थनगर की डूमरियागंज से इन्हें विजय मिली।
अखिलेश सिंह: रायबरेली विधानसभा से अखिलेश सिंह ने पीस पार्टी के टिकट पर चुनाव जीता।
आम चुनाव में भी धमक
2014 के लोक सभा चुनाव में भी यह पार्टी मैदान में थी। उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80 सीटें है लेकिन पीस पार्टी ने 21 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे। हालाँकि पार्टी को कोई सीट जीत के रूप में नहीं मिली लेकिन वोट जरूर मिले।
ये हैं प्रमुख नेता
डा. अब्दुल मन्नान, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश
प्रवीन अय्यूबी, राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता
रिजवान अहमद, राष्ट्रीय सचिव



Published on:
10 Dec 2016 06:44 pm
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