मरीज के रजिस्टर्ड मोबाइल पर एक मैसेज आता है और उससे पूछा जाता है कि क्या वह अस्पताल की सेवाओं से संतुष्ट है अथवा नहीं।
लखनऊ.उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य महकमा अब अपनी सेवाओं को कारपोरेट की तर्ज पर ग्राहक केंद्रित बनाना चाहता है। राजधानी लखनऊ के डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य महकमे ने एक अनोखी पहल की है। यहां इलाज कराने आने वाले मरीज यदि इलाज से संतुष्ट नहीं हैं तो वे मोबाइल मैसेज से अपनी नाराजगी दर्ज करा सकते हैं। इलाज के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के बाद मरीज के रजिस्टर्ड मोबाइल पर एक मैसेज आता है और उससे पूछा जाता है कि क्या वह अस्पताल की सेवाओं से संतुष्ट है अथवा नहीं।
यह है मैसेज टेक्स्ट
सिविल अस्पताल मरीजों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया काफी पहले शुरू कर चुका है। अब एक नया प्रयोग शुरू किया गया है। रजिस्ट्रेशन के दौरान मरीज का मोबाइल नंबर उसके विवरण के साथ दर्ज किया जाता है। रजिस्ट्रेशन के बाद मरीज के रजिस्टर्ड मोबाइल पर एक मैसेज आता है। इस मैसेज का टेक्स्ट इस तरह होता है - डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल चिकित्सालय लखनऊ आने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय आपको धन्यवाद देता है। हम आपके अस्पताल के अनुभव के बारे में आपकी राय जानना चाहेंगे। आपकी राय हमें भविष्य में आपको बेहतर सेवा देने में मदद करेगी। आपके द्वारा दी गई जानकारी गोपनीय रखी जाएगी। आप अस्पताल के अपने अनुभव से कितने संतुष्ट हैं ? अपना जवाब भेजने के लिए FB 1 या FB 2 या FB 3 टाइप करें। इसमें 1 का अर्थ बहुत संतुष्ट, 2 का अर्थ संतुष्ट और 3 का अर्थ असंतुष्ट है।
सेवाओं को बेहतर बनाने का दावा
डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल लखनऊ के चिकित्सा अधीक्षक डॉ आशुतोष कुमार दुबे बताते हैं - डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल को पेपरलेस बनाने की प्रक्रिया पूर्व में ही शुरू की जा चुकी है। मोबाइल पर मैसेज भेजकर इलाज की सुविधा पर फीडबैक लेने का मकसद यह है कि अस्पताल को मरीज की दिक्कतों का पता चल सके। मरीज के फीडबैक के आधार पर अस्पताल की सेवाओं को अधिक बेहतर बनाने में हमें मदद मिल सकेगी।