लखनऊ

UP Lok Sabha Election 2024: रामपुर और मुरादाबाद में सपा प्रत्याशियों पर चल रहा ड्रामा, जानें कौन असली उम्मीदवार ?

UP Lok Sabha Election 2024: 19 अप्रैल को पहले चरण के लिए मतदान होना है। इनमें पश्चिम यूपी की अन्य सीटों के साथ मुरादाबाद और रामपुर भी हैं। हालांकि, यहां पर सपा के उम्मीदवारों को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है, क्योंकि पार्टी- 1, सीट- 2 और प्रत्याशी 4। आइए जानते हैं कि कौन हैं असली उम्मीदवार ?

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Mar 28, 2024
UP Lok Sabha Election 2024

UP Lok Sabha Election 2024: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रामपुर और मुरादाबाद लोकसभा क्षेत्रों में कई उतार-चढ़ाव के बीच राजनीतिक ड्रामा भी देखने को मिला। बुधवार को पहले चरण के नामांकन का आखिरी दिन था। दोनों सीटों पर दो- दो उम्मीदवारों ने समाजवादी पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार होने का दावा किया। इसको लेकर काफी देर तक सियासी ड्रामा देखने को मिला। हालाकि, कुछ घंटे बाद पार्टी ने भ्रम को दूर कर दिया।

लोकसभा चुनाव के पहले चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रामपुर और मुरादाबाद दोनों सीटों पर 19 अप्रैल को मतदान होना है। इन दोनों सीट पर सियासी ड्रामा देखने को उस समय मिला, जब आजम खान खेमे के विरोध को दरकिनार करते हुए समाजवादी पार्टी ने दिल्ली स्थित मौलवी मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी को रामपुर लोकसभा सीट पर मैदान में उतारा।

मोहिबुल्लाह नदवी दिल्ली में संसद वाली मस्जिद में नमाज पढ़ाते हैं और रामपुर के ही रहने वाले हैं। रामपुर की स्वार तहसील में इमाम मोहिबुल्लाह का गांव है। नदवी ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया। उन्होंने कहा कि उन्हें पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव का समर्थन प्राप्त है।

असीम रजा ने भी किया नामांकन
वहीं, नदवी को चुनौती देते हुए आजम खान के करीबी और सपा शहर अध्यक्ष मोहम्मद असीम रजा ने भी रामपुर सीट के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। साथ ही मूल पार्टी का उम्मीदवार होने का दावा भी किया। 2022 लोकसभा उपचुनाव में असीम रजा खान ने चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

दरअसल, रामपुर लोकसभा सीट को लेकर अखिलेश यादव आजम खान से मिलने सीतापुर जेल पहुंचे थे। आजम खान समेत रामपुर के सपा नेताओं ने मांग रखी थी कि अखिलेश यादव खुद रामपुर से चुनाव लड़ें, लेकिन अखिलेश इस बात के लिए राजी नहीं हुए। इस बात पर जिले के सपा नेता नाराज हो गए और उन्होंने चुनाव का बॉयकॉट करने की धमकी पार्टी हाईकमान को दे डाली। इसके बाद आजम खान के करीबी आसिम रजा ने पर्चा भी खरीदकर नामांकन कर दिया।

मुरादाबाद सीट पर भी सपा में असमंजस की स्थिति
इसके अलावा मुरादाबाद सीट को लेकर भी सपा में काफी असमंजस की स्थिति नजर आई। मंगलवार को सपा के पूर्व घोषित मुरादाबाद उम्मीदवार एसटी हसन ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इसके एक दिन बाद मुरादाबाद में सपा की पूर्व बिजनौर विधायक रुचि वीरा ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया और पार्टी की आधिकारिक उम्मीदवार होने का दावा किया। रुचि वीरा को आजम खान का वफादार बताया जाता था।

रुचि वीरा के समर्थकों के इस दावे के बीच यह भी चर्चा थी कि हसन पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार बने रहेंगे। हसन के समर्थकों ने मुरादाबाद के सड़कों पर उतरे और रुचि वीरा का पुतला फूंका। हालांकि, देर शाम सपा नेतृत्व ने भ्रम दूर कर रामपुर से मुहिबुल्लाह नदवी और मुरादाबाद से रुचि वीरा को अपना अधिकृत उम्मीदवार घोषित कर दिया। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि मुरादाबाद से मौजूदा सांसद हसन का टिकट रद्द कर दिया गया है। उनके स्थान पर बिजनौर के पूर्व विधायक वीरा को पार्टी प्रत्याशी बनाया गया है।

उन्होंने कहा, इसके अलावा नदवी रामपुर से पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार हैं। नदवी दिल्ली में पार्लियामेंट स्ट्रीट जामा मस्जिद के इमाम हैं। चौधरी ने स्वीकार किया कि पहले दोनों सीटों पर उम्मीदवारों को लेकर कुछ शंकाएं थीं लेकिन बाद में उन्हें दूर कर लिया गया।

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