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UP Political: संजय सेठ के डिनर में जुटे सत्ता-विपक्ष के दिग्गज, यूपी की राजनीति में हलचल तेज

Cabinet Expansion: लखनऊ में बीजेपी सांसद संजय सेठ के आवास पर हुए शिष्टाचार डिनर में कई बड़े नेताओं की मौजूदगी ने यूपी कैबिनेट विस्तार, राज्यसभा सीटों और नए राजनीतिक समीकरणों की चर्चाएं तेज कर दीं।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

May 10, 2026

कैबिनेट विस्तार से पहले बड़े नेताओं की मौजूदगी ने दिए नए राजनीतिक संकेत (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

कैबिनेट विस्तार से पहले बड़े नेताओं की मौजूदगी ने दिए नए राजनीतिक संकेत (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

Sanjay Seth के लखनऊ स्थित आवास पर आयोजित शिष्टाचार डिनर ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। योगी सरकार के संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और राज्यसभा की आगामी खाली होने वाली सीटों के बीच हुए इस सियासी जमावड़े को बेहद अहम माना जा रहा है। डिनर में भाजपा और अन्य दलों के कई बड़े नेताओं की मौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों का तापमान अचानक बढ़ा दिया।

राजधानी लखनऊ में आयोजित इस खास डिनर में केंद्रीय राज्य मंत्री Pankaj Chaudhary, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष Bhupendra Singh Chaudhary, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल Manoj Sinha, पूर्व उपमुख्यमंत्री Dinesh Sharma, जनसत्ता दल के प्रमुख Raghuraj Pratap Singh और बसपा महासचिव Satish Chandra Mishra जैसे दिग्गज नेताओं की मौजूदगी ने कई तरह की अटकलों को हवा दे दी।

कैबिनेट विस्तार से पहले क्यों अहम है यह मुलाकात

उत्तर प्रदेश में लंबे समय से मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा चल रही है। माना जा रहा है कि भाजपा आगामी राजनीतिक चुनौतियों और सामाजिक समीकरणों को साधने के लिए सरकार में बड़े बदलाव कर सकती है। ऐसे समय में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का एक साथ दिखाई देना सामान्य राजनीतिक शिष्टाचार से कहीं अधिक माना जा रहा है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह की बैठकों में केवल औपचारिक बातचीत नहीं होती, बल्कि भविष्य की रणनीतियों पर भी चर्चा होती है। खासकर तब, जब प्रदेश में संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर बदलाव की अटकलें लगातार चल रही हों।

पंकज चौधरी की मौजूदगी बनी चर्चा का केंद्र

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी की इस डिनर में मौजूदगी ने चर्चाओं को और तेज कर दिया। भाजपा के भीतर पूर्वांचल और पिछड़ा वर्ग की राजनीति को लेकर लगातार मंथन चल रहा है। ऐसे में पंकज चौधरी की सक्रियता को आगामी राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों की मानें तो भाजपा सामाजिक संतुलन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी कर रही है। ऐसे में ओबीसी नेताओं की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है।

भूपेंद्र चौधरी की एंट्री से बढ़ी अटकलें

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी की मौजूदगी ने संगठनात्मक बदलाव की चर्चाओं को और हवा दी। पार्टी के भीतर संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल को लेकर लगातार विचार-विमर्श चल रहा है। भूपेंद्र चौधरी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मजबूत पकड़ रखने वाले नेता माने जाते हैं। ऐसे में उनकी सक्रिय मौजूदगी को आगामी चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

मनोज सिन्हा की मौजूदगी के भी निकाले जा रहे मायने

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का इस डिनर में पहुंचना भी राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्वांचल की राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले मनोज सिन्हा भाजपा के अनुभवी चेहरों में गिने जाते हैं। हालांकि इसे शिष्टाचार मुलाकात बताया गया, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि भाजपा में वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता आने वाले राजनीतिक संकेतों की ओर इशारा कर रही है।

राजा भैया और सतीश मिश्रा की मौजूदगी ने बढ़ाई उत्सुकता

डिनर में जनसत्ता दल के प्रमुख राजा भैया की मौजूदगी ने सबसे ज्यादा राजनीतिक चर्चा बटोरी। लंबे समय से यूपी की राजनीति में अपनी अलग पहचान रखने वाले राजा भैया का भाजपा नेताओं के साथ दिखना कई सवाल खड़े कर रहा है।

वहीं, बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्रा की उपस्थिति ने भी राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी। मायावती के करीबी माने जाने वाले मिश्रा का इस तरह के आयोजन में शामिल होना विपक्षी दलों के बीच बदलते समीकरणों की ओर संकेत माना जा रहा है।

राज्यसभा सीटों को लेकर भी तेज हुआ मंथन

राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में आगामी समय में खाली होने वाली राज्यसभा सीटों को लेकर भी भाजपा के भीतर गहन मंथन चल रहा है। कई नेताओं की सक्रियता और मुलाकातों को इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा आने वाले समय में संगठनात्मक संतुलन, जातीय समीकरण और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को साधते हुए बड़े राजनीतिक फैसले ले सकती है। ऐसे में दिल्ली और लखनऊ के बीच लगातार बैठकों और संवाद का दौर जारी है।

सियासी तापमान लगातार बढ़ रहा

उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस समय हर मुलाकात और हर तस्वीर के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। संजय सेठ के आवास पर हुए इस शिष्टाचार डिनर ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

हालांकि भाजपा की ओर से इसे सामान्य सामाजिक और शिष्टाचार मुलाकात बताया जा रहा है, लेकिन जिस तरह विभिन्न दलों और विचारधाराओं के नेता एक मंच पर दिखाई दिए, उसने राजनीतिक चर्चाओं को नई दिशा दे दी है। फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार और राज्यसभा सीटों को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन लखनऊ में हुई यह बैठक आने वाले राजनीतिक घटनाक्रमों का बड़ा संकेत मानी जा रही है।