Lucknow में इस बार ईद सादगी और गम के माहौल में मनाई गई। नमाजियों ने काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की और दुनिया में अमन-शांति के लिए दुआएं मांगीं।
Lucknow Eid Black Band Protest: राजधानी लखनऊ में इस बार ईद का त्योहार पारंपरिक उत्साह और जश्न से अलग एक बेहद संजीदा और भावुक माहौल में मनाया गया। जहां आमतौर पर ईद खुशियों, गले मिलने और मिठास बांटने का पर्व होता है, वहीं इस बार शहर के कई हिस्सों में सादगी और ग़म का माहौल देखने को मिला।
ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की कथित शहादत की खबरों के बाद मुस्लिम समुदाय में शोक की लहर देखी गई। इस खबर का असर राजधानी के धार्मिक माहौल पर भी स्पष्ट रूप से नजर आया, जहां लोगों ने ईद को जश्न के बजाय सादगी और मातम के साथ मनाना उचित समझा।
शहर की प्रमुख मस्जिदों, खासकर आसिफ मस्जिद और अन्य इबादतगाहों में नमाजियों की अच्छी-खासी भीड़ जुटी, लेकिन इस बार माहौल में सामान्य उत्साह की जगह गंभीरता देखने को मिली। नमाज अदा करने पहुंचे कई लोगों ने अपनी बांहों पर काली पट्टी बांध रखी थी, जो शोक और एकजुटता का प्रतीक बनकर उभरी। नमाज के दौरान भी लोगों के चेहरों पर भावुकता साफ झलक रही थी।
जहां आमतौर पर ईद के मौके पर बाजारों में रौनक, घरों में पकवान और लोगों के बीच खुशी का माहौल रहता है, वहीं इस बार लखनऊ में यह नजारा काफी बदला हुआ था। लोगों ने इस बार ईद को सादगी से मनाने का निर्णय लिया। न तो पहले जैसी चहल-पहल दिखी और न ही बड़े स्तर पर जश्न मनाया गया। कई लोगों ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने सादगी अपनाना ही उचित समझा।
ईद की नमाज के बाद लोगों ने देश और दुनिया में अमन, भाईचारे और शांति के लिए विशेष दुआएं मांगीं। नमाजियों का कहना था कि इस समय दुनिया को शांति और एकता की सबसे ज्यादा जरूरत है। उन्होंने दुआ की कि सभी तरह के संघर्ष समाप्त हों और इंसानियत की जीत हो।
कई नमाजियों ने कहा कि ईद का असली संदेश इंसानियत, भाईचारा और शांति है। ऐसे में जब दुनिया के कुछ हिस्सों में तनाव और संघर्ष की स्थिति है, तो जश्न मनाने के बजाय सादगी और संवेदनशीलता दिखाना जरूरी है। कुछ लोगों ने अंतरराष्ट्रीय हालात को लेकर अपनी चिंता भी जाहिर की और कहा कि विश्व स्तर पर शांति स्थापित होना बेहद जरूरी है।
ईद के मौके पर लखनऊ में पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और हर गतिविधि पर नजर रखी गई। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए भी निगरानी की गई, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रशासन ने पूरे आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरी मुस्तैदी दिखाई।
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई थी कि वे त्योहार को शांति और सौहार्द के साथ मनाएं। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और सामाजिक सौहार्द बनाए रखें।