उत्तर प्रदेश में अब महंगा बिजली का बिल लोगों को नहीं देना होगा। यूपी सरकार की ओर से प्रतिमाह के आने वाले बिल में 7 रु प्रति यूनिट की के बजाए बहुत कम कर दिया है। जिससे हर परिवार को इसका फायदा होगा।
उत्तर प्रदेश में घरेलू उपभोक्ताओं को बढ़ी राहत देते हुए आज इसकी घोषणा कर दी गई है। जिससे यूपी के करोड़ो परिवारों को अब महंगे बिजली बिल से राहत मिलने के आसार नज़र आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग की ओर से फिक्स की गई दरों में अब तीन प्रकार से स्लैब बनाए गए हैं। जिसमें एक यूनिट से लेकर 150 यूनिट तक सिर्फ 5रु 50 पैसे की दर से ही बिजली बिल देना होगा। जबकि इससे ऊपर यानी 151 यूनिट से लेकर 300 यूनिट प्रतिमाह तक 6 रु प्रति यूनिट से बिल देना होगा।
एक प्रकार से मानें तो अधिकतम दरों को कम करते हुए जनता को राहत देने का प्रयास किया गया है। जबकि कमर्शियल बिजली की दरों में अब तक कोई बदलाव नहीं किया गया है। 300 यूनिट से लेकर 500 यूनिट तक 6.5 रुपए प्रति यूनिट बिजली का बिल होगा। 501 यूनिट से ऊपर 7 रुपए प्रति यूनिट बिजली दर से बिल देना होगा। अभी तक जो 7 रु प्रति यूनिट की दर से बिल आ रहा था वो खत्म हो गया है। यूपी के शहरी घरेलू उपभोक्ताओं को नई बिजली दरें से लाभ एक अगस्त से मिलना शुरू हो जाएगा। ग्रामीण घरेलू बीपीएल उपभोक्ताओं को 100 यूनिट तक ₹3 प्रति यूनिट के हिसाब से चार्ज होगा।
BPL परिवारों को कम बिजली बिल
यूपी के शहरों में घरेलू बीपीएल परिवारों को 100 यूनिट तक प्रति यूनिट 3.00 रुपये के हिसाब से बिल देना होगा।
गाँव के उपभोक्ताओं को बड़ी राहत
यूपी सरकार की ओर से ग्रामीण घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को जीरो से 100 यूनिट तक 3.35 रुपये प्रति यूनिट देना होगा। 101-150 यूनिट तक 3.85 रुपये प्रति यूनिट बिल देना होगा।
151 से 300 यूनिट तक 5.00 रुपये प्रति यूनिट और 300 से ऊपर यूनिट होने पर 5.50 रुपये प्रति यूनिट देना होगा। इसी प्रकार से गांवों में रहने वाले घरेलू बीपीएल परिवारों को 100 यूनिट तक तीन रुपये में बिजली दी जाएगी।
उपभोक्ता परिषद की ओर से स्वागत लेकिन ट्रिब्यूनल में दें तो ज्यादा राहत
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा है कि नियामक आयोग ने उपभोक्ता परिषद की ज्यादातर मांगों को मान लिया है। जिस प्रकार नोएडा पावर कंपनी के क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं की बिजली दरों में 10 की कमी की गई है, उसी प्रकार पावर कार्पोरेशन द्वारा नियामक आयोग में उपभोक्ताओं के निकल रहे 22045 करोड़ रुपये पर अपीलेट ट्रिब्यूनल में मुकदमा दाखिल करने का शपथ पत्र दिया गया होता तो बिजली दरों में भारी कमी होती।
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