- उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ाई बिजली की दरें- ग्रामीण इलाकों में फिक्स चार्ज 400 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया है
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा है। विद्युत नियामक आयोग (Electricity Regulatory Commission) ने शहरी क्षेत्रों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली की दरों में इजाफा कर दिया है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी आदेशों के मुताबिक, बिजली की दरों में 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। ग्रामीण इलाकों में जहां बिजली की दरों में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है, वहीं शहरी क्षेत्रों में बिजली की दरों को 15 फीसदी तक बढ़ा दिया है। शहरी और कॉमर्शियल क्षेत्र के साथ ही ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली की दरों में इजाफा कर दिया है। इसके अलावा बिजली की दरों में बढ़ोतरी के अलावा सरकार ने ग्रामीण इलाकों में फिक्स चार्ज 400 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया है।
बीते अगस्त माह में विद्युत नियामक आयोग ने एक फैसले के तहत नया बिजली कनेक्शन लेना महंगा कर दिया था। आयोग की ओर से न्यू कनेक्शन की रेट लिस्ट के मुताबिक, अब कस्टमर्स से प्रोसेसिंग फीस के साथ-साथ मीटर की कीमत और लाइन चार्ज पर 18 प्रतिशत जीएसटी वसूला जायेगा। हालांकि, आयोग की ओर से सर्विस लोडिंग चार्ज पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। अभी तक दो किलोवाट का बिजली कनेक्शन जो 2,105 रुपये का मिलता था, जीएसटी को जोड़कर अब वह 2,217 रुपये का मिलेगा। इसके तहत शहरी क्षेत्र में एक किलोवाट के कनेक्शन पर 1858 और दो किलोवाट के कनेक्शन पर 2217 रुपए चुकाने होंगे, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को एक किलोवाट वाले कनेक्शन के लिए 1365 रुपए और दो किलोवाट के लिए 1524 रुपए चुकाने होंगे।