
लखनऊ. संत रविदास शिक्षा योजना के तहत मजदूरों को उनके बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए 60 हजार रूपये दिए जाएंगे। भव्य निर्माण कार्य के तहत इस बात का फैसला लिया गया है। उन्हें न सिर्फ उच्च शिक्षा के लिए 60 हजार रूपये दिए जाएंगे, बल्कि पक्का मकान बनाने के लिए 1 लाख रूपये और चिकित्सीय मदद के लिए 3 हजार रूपये दिए जाएंगे। मजदूरों की आर्थिक तंगी को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया गया है।
इलाज का पूरा खर्चा उठाएगी सरकार
मजदूरों को कोई भी बीमारी हो, इसके लिए उनके इलाज का पूरा खर्चा उठाया जाएगा। सरकार ने श्रमिकों और उनके परिवार वालों की भलाई के लिए ये फैसला लिया है। जाहिर है इससे मजदूरों की आर्थिक समस्या भी कुछ हद तक कम होगी।
बेटी होने पर मिलेगा 25 हजार और बेटा होने पर मिलेंगे 12 हजार का फिक्स्ड डिपॉजिट
श्रम एवं रोजगार मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने अपने 63वें जन्मदिन पर इस बात की घोषणा की कि, मजदूरों की आर्थिक तंगी को ध्यान में रखते हुए सरकार के द्वारा की गयी ये पहल देश के कई मजदूरों को फायदा देगी। इतना ही नहीं बल्कि मजदूरों को और भी लाभ मिलेगा। मजदूर के घर पहली बेटी होने पर 25 हजार दिए जाएंगे। वहीं दूसरी बेटी होने पर 15 हजार दिए जाएंगे और बेटा होने पर 12 हजार फिक्स्ड डिपॉजिट किया जाएगा। यहां तक की बेटी की शादी पर सरकार 55 हजार रूपये भी देगी। ये पैसा बेटी के खाते में जाएगा।
मिलेगा 50 हजार रूपये का फिक्स्ड डिपॉजिट भी
मजदूर सरकार की इन सुविधाओं का खुलकर लाभ उठा सके इसके लिए ये कदम उठाया जा रहा है। इन लाभों के अलावा जिन मजदूरों के विकलांग बच्चे हैं, उन्हें 50 हजार रूपये का फिक्स्ड डिपॉजिट मिलेगा। अगर किसी मजदूर की मृत्यु हो जाती है, तो उनके परिवार वालों को 5 लाख रूपये दिए जाएंगे। कुल मिलाकर देखा जाए, तो सरकार का ये फैसला मजदूरों के हित में लिया गया है।