बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर बुधवार रात करीब 11 बजे लखनऊ एसएसपी दीपक कुमार के आवास पहुंचे...
लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने उन्नाव कांड में देर रात बड़ा फैसला लिया। यूपी सरकार ने भारतीय जनता पार्टी के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और अन्य के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज करने और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने का फैसला लिया। सरकार ने इस पूरे कांड में लापरवाही बरतने के लिए उन्नाव के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीके द्विवेदी और कैजुअलटी मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रशांत उपाध्याय समेत सीओ सफीपुर कुंवर बहादुर सिंह को भी निलंबित किया। सरकार की इस पूरी कार्रवाई की जानकारी यूपी के प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने दी। प्रमुख सचिव ने बताया कि ये कार्रवाई एडीजी लखनऊ जोन राजीव कृष्ण के नेतृत्व में गठित एसआईटी, उन्नाव के डीएम एनजी रवि कुमार और जेल के डीआईजी लव कुमार से मिली रिपोर्ट के आधार पर की गई।
रातभर चला हाईवोल्टेड ड्रामा
वहीं उन्नाव गैंगरेप के मामले में उस समय एक नया मोड़ आया जब आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर बुधवार रात करीब 11 बजे लखनऊ एसएसपी दीपक कुमार के आवास पहुंचे। कुलदीप सेंगर की आत्मसमर्पण की खबर से एसएसपी आवास के बाहर पहले से ही मीडिया का हुजूम लगा हुआ था। कुलदीप सिंह सेंगर अपने समर्थकों के साथ एसएसपी आवास के बाहर पहुंचे और वहां पहुंचकर मीडिया से बात की। कुलदीप सेंगर ने कहा कि वह किसी को भी सरेंडर नहीं कर रहे हैं। मीडिया में चल रही खबरों को देखकर वह खुद एसएसपी आवास आए हैं। बीजेपी विधायक कुलदीप सिंगर ने कहा कि मैं हाथ जोड़कर विनती कर रहा हूं कि मुझे रेप का आरोपी न बुलाया जाए और मैं कोई भगोड़ा नहीं हूं। यही साबित करने मैं मीडिया के सामने आया हूं। लखनऊ एसएसपी के आवास पर मौजूद न होने के कारण वह हजरतगंज पुलिस से बात कर वापस लौट गए। लेकिन वापस जाते समय विधायक के गुर्गों ने मीडिया कर्मियों से अभद्रता की। लेकिन ये सब देखकर भी मौके पर मौजूद पुलिस ने विधायक को सुरक्षित उनकी गाड़ी तक पहुंचाया और मूकदर्शक बनी खड़ी रही।
भगोड़े नहीं हैं विधायक
वहीं बीजेपी विधायक कुलदीप सिंगर के रिश्तेदार शैलेंद्र सिंह शैलू भी मौके पर उनके साथ आए। शैलेंद्र सिंह शैलू ने कहा कि अभी जांच चल रही है और विधायक अभी निर्दोष हैं। इस मामले में मीडिया में खबरें चल रही हैं कि विधायक भगोड़े हैं और आत्मसमर्पण करेंगे। इस तरह की निराधार खबरों को झूठा साबित करने के लिए ही विधायक यहां आए थे और हजरतगंज इंस्पेक्टर से यह कह कर वापस गए हैं कि अगर मेरी जरूरत हो तो मुझे किसी भी समय बुलाया जा सकता है।
एसआईटी ने सीएम योगी आदित्यनाथ को सौंपी रिपोर्ट
वहीं इससे पहले बुधवार शाम को ही SIT ने अपनी रिपोर्ट सीएम योगी अदित्यनाथ को सौंप दी थी। जिसमें गृह विभाग ने विधायक के ऊपर मुकदमा लिखने के साथ-साथ सीओ सफीपुर कुंवर बहादुर सिंह और उन्नाव जिला अस्पताल के 2 डॉक्टर सस्पेंड करने और अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए। साथ ही विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उनके समर्थकों पर FIR दर्ज कर सीबीआई जांच की भी सिफारिश की गई। पीड़िता के पिता के मौत की जांच भी सीबीआई को सौंपी गई है। इसके साथ ही जेल अस्पताल के भी तीन डॉक्टरों पर कार्रवाई की गाज गिरी है। SIT रिपोर्ट में तीनो डॉक्टरों पर पीड़िता के पिता के इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगा है। शासन ने SIT के साथ जेल डीआईजी और उन्नाव जिला प्रशासन से भी रिपोर्ट मांगी थी । एक साथ तीन रिपोर्ट मिलने के बाद गृह विभाग ने बड़ा फैसला लेते हुए उन्नाव रेप कांड और पीड़ित के पिता की मौत की मौत की जांच CBI को सौप दी। साथ पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने का भी आदेश दिया।